top of page

हत्या के आरोपी को न्यायालय ने किया आजीवन कारावास से दण्डित

माननीय न्यायालय श्रीमती नीतूकांता वर्मा प्रथम अति0 सत्र न्यायाधीश, खाचरौद जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा आरोपी कैलाश पिता मांगू डोडियार, उम्र 35 वर्ष, निवासी - ग्राम उमरबट्टा, थाना रावटी, जिला रतलाम म.प्र को धारा 302/34, 394/34, 397/34, 450, 201 भादवि एवं 66बी आईटी एक्ट में आजीवन कारावास तथा कुल 20,000/-रू अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।


मीडिया सेल प्रभारी कुलदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि दिनांक 02.06.2017 को सुबह 08ः50 बजे सूचनाकर्ता विरेन्द्र सिंह ने इस आशय की सूचना दी कि वह ग्राम थड़ोदा में रहता है एवं शासकीय प्राथमिक विद्यालय हिपाखेड़ी में सहायक शिक्षक के पद पर पदस्थ है। स्कूल की छुट्टी होने के कारण वह उस दिन घर पर था। उसके पिताजी विक्रम खेत पर बने मकान पर ही 10-15 साल से रह रहे थे तथा रात में भी खेत पर बने मकान पर सोते थे और सुबह 06 बजे घर पर आ जाते थे। कल रात भी वे खेत पर सोने गये थे। आज सुबह उसके पिताजी घर नहीं आये इसलिए वह खेत पर बने मकान पर गया तो देखा कि मकान का ताला लगा था, उसके पिताजी खेत पर नहीं थे। उसने सोचा कि ताला लगा है इसलिए पिताजी घर चले गये होंगे और वह घर वापस आ गया और अपने पिताजी के मोबाईल नंबर पर फोन लगाया तो फोन स्विच ऑफ था, फिर वह अपनी मां कमलकुंवर के साथ खेत पर गया और खेत पर बने मकान की दीवार के छेद में से अंदर देखा तो उसके पिताजी अंदर पड़े थे। उसने गजराजसिंह को बुलाया और ताला तोड़कर अंदर जाकर देखा तो उसके पिताजी के हाथ, पैर व मुंह बंधा हुआ था, सीने में और शरीर में चोट लगी थी और खून निकल रहा था। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसके पिताजी के हाथ, पैर बांधकर मारपीट कर हत्या कर दी है। खेत पर बंधी भैंस, पाड़ी भी वहां नहीं थीं, आरोपी द्वारा घटना के पश्चात मृतक का मोबाईल लूट कर ले जाने से पुलिस द्वारा सायबर सेल की मदद से आरोपी तक पहुंच कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।


उक्त आवेदन पर से अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया, आवश्यक अनुसंधान उपरान्त अभियोेग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया। प्रकरण में अनुसंधान के दौरान प्रभारी उप निदेशक अभियोजन राजेन्द्र कुमार खाण्डेगर के द्वारा थाना प्रभारी को अनुसंधान में विधिक परामर्श एवं साक्ष्य संकलन हेतु मागदर्शन प्रदान किया। अभियोजन पैरवीकर्ता सुनील परमार, विशेष लोक अभियोजक के तर्काें से सहमत होकर आरोपी को माननीय न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया।

 FOLLOW US

  • Facebook
  • Instagram
  • LinkedIn
  • Pinterest
  • Twitter
  • YouTube
bottom of page