
उज्जैन। हरिफाटक ब्रिज के ऊपर इंदौर के श्रद्धालुओं को उज्जैन लेकर आई कार में बुधवार सुबह आग लग गई। मारूति स्वीफ्ट कार ब्रिज के ऊपर धूं-धूं कर जलकर खाक हो गई। गनीमत रही कि आग भड़कने से चंद मिनट पहले श्रद्धालु कार के बाहर निकल गए थे। अपितु बड़ा हादसा हो जाता।

इंदौर के रहने वाले सुनील पिता देवीलाल यादव आरटीओ में काम करते है। वे दिल्ली से आए अपने रिश्तेदारों को महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन लाए थे। कार में उनके साथ अनिल यादव, हरीश, अंजलि, और उनका बेटा यश यादव मौजूद थे। बुधवार की सुबह पौने 9 बजे वे कार से हरिफाटक ओवर ब्रिज के ऊपर पहुंच गए थे। यहां उन्हें कार के अंदर से कुछ जलने की बदबू आई। इस पर उन्होंने कार से उतरकर बोनट खोलकर देखा तो अंदर आग लगी हुई थी। इस पर उन्होंने सबसे पहले सभी रिश्तेदारों को कार से बाहर निकाल लिया। और फिर सबको थोड़ी दूरी पर खड़ा कर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। आग बुझाने से और भड़क उठी और इंजन में आग लग गई। तेजी से आग पेट्रोल की नली तक पहुंच गई और पूरी कार आग की चपेट में आ गई। कुछ ही मिनटों में कार धूं-धूं कर जल गई। कर में सवार सुनील यादव ने बताया कि दो साल पहले उन्होंने सैकंड हैंड कार क्रमांक एमपी 09 डब्ल्यूजी 4447 एक परिचित से खरीदी थी। प्रत्यक्ष दर्शियो ने बताया कि समय रहते अगर कर में सवार पांच लोग गाड़ी से नहीं उतरते तो गंभीर हादसा हो जाता।