
उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर की तीसरे सोमवार को निकली सवारी में वॉलिंटियर्स, पुलिस जवान और पालकी के साथ चल रहे पुजारियों ने श्रद्धालुओं पर थप्पड़ बरसाए थे।
इस कृत्य का सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ था। उसके बाद से ही यह कृत्य करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की मांग उठ रही है। श्रद्धालुओं को थप्पड़ रसीद करने वाले महाकाल के पुजारियों की पहचान कर ली गई है।
उल्लेखनीय है कि तीसरी सवारी के दौरान उक्त सभी लोगों ने श्रद्धालुओं की उम्र का लिहाज भी नहीं किया था। पालकी के नजदीक आ रहे हर उम्र के भक्तों को यह लोग धक्का-मुक्की करने से लेकर थप्पड़ रसीद करने तक में जरा भी नहीं चूक रहे थे।
भगवान महाकालेश्वर की सावन भादो मास में निकलने वाली सवारियों में हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से उज्जैन आते हैं। यह लोग भगवान महाकाल की एक झलक देखने के लिए धूप और बरसात सहन करते हुए घंटो सड़क किनारे खड़े रहते हैं। लेकिन जब पालकी उनके नजदीक आती है और भगवान महाकाल के दर्शन का अवसर मिलता है। उस दौरान होने ना केवल धक्का-मुक्की का शिकार होना पड़ता है बल्कि अपमान भी सहन करना पड़ता है और सरेराह धक्के और थप्पड़ भी खाने पड़ते हैं। इसकी पोल सोशल मीडिया में वायरल हो रहा एक वीडियो खोल रहा है। यह वीडियो सोमवार का है जब भगवान महाकाल तीसरी सवारी के दौरान प्रजा का हालचाल जानने सवारी मार्ग पर निकले थे। वीडियो में श्रद्धालुओं के साथ हुई सार्वजनिक मारपीट और अपमान के दृश्य अलग-अलग जगह के हैं। वीडियो के शुरुआती दृश्य में महाकाल मंदिर प्रांगण के समीप कुछ श्रद्धालु पालकी दर्शन के लिए आगे बढ़ते हैं उसी दौरान नीली टीशर्ट में वहां तैनात वॉलिंटियर्स एक बुजुर्ग पर बेवजह थप्पड़ बरसाने लगता है। कुछ देर बाद धोती और सोला पहने दूसरे श्रद्धालु के साथ यह कथित वॉलिंटियर्स धक्का देते हैं तथा मारपीट करते हैं।
इसके बाद यह सभी हंसते हुए भी वीडियो में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में आगे पालकी के समीप जब कुछ श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए बढ़ते हैं तो यहां तैनात एक पुलिसकर्मी कई श्रद्धालुओं पर थप्पड़ बरसाने लगता है। इसके आगे वीडियो में पालकी के साथ चल रहे पुजारी द्वारा भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट और और धक्का देते साफ नजर आ रहा है। सफेद नंबर का चश्मा लगाए वीडियो में नजर आ रहे मारपीट करते हुए पुजारी को भी सोशल मीडिया में लोगों द्वारा कोसा जा रहा है। कुल मिलाकर सवारी में व्यवस्थाओं के नाम पर जिस तरह वॉलिंटियर्स पुलिस और पुजारियों ने श्रद्धालुओं के साथ जो अभद्रता की है। उससे धार्मिक नगरी उज्जैन की छवि धूमिल हो रही है। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया है कि पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों से लोग लगातार इन आरोपियों पर कार्रवाई की मांग कर रहा है। भाजपा नेता छोटू बना द्वारा अपने साथियों के साथ क्रमिक भूख हड़ताल भी की जा रही है। वीडियो में नजर आ रहे पुलिसकर्मी की रवि सोलंकी के रूप में पहचान हो चुकी है। वही वॉलिंटियर्स के रूप में लोगों से मारपीट कर रहे व्यक्ति को भी पहचान लिया गया है। कुछ दिन पहले वह लालपुल से एक स्वान को बेरहमी से पानी में फेंकता हुआ नजर आया था। क्योंकि सोशल मीडिया में ही वायरल हुआ था। नीलगंगा थाना पुलिस में उसे पकड़ भी लिया था। इसके बाद महाकाल की सवारी में फिर वही व्यक्ति लोगों से मारपीट करता वीडियो में कैद हुआ।
एक मुख्य पुजारी दूसरा पुजारी प्रतिनिधि...
तीसरी सवारी के दौरान पालकी के साथ चल रहे दो पुजारी श्रद्धालुओं पर थप्पड़ बरसाते हुए वायरल वीडियो में कैद हुए थे। इनकी पहचान भी हो गई है। इनमें से एक महाकाल मंदिर का मुख्य पुजारी बालागुरु है। जबकि दूसरा पुजारी प्रतिनिधि यश गुरु है। यश महाकाल के पुजारी प्रदीप गुरु का पुत्र है। प्रदीप गुरु महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के सदस्य भी हैं। ऐसे में इन्हीं का बेटा श्रद्धालुओं को सवारी में चाटे मार रहा था। पहचान हो जाने के बाद अब यह देखना है कि इन दोनों पुजारी और प्रतिनिधि पर मंदिर प्रबंध समिति तथा इसके अध्यक्ष कलेक्टर क्या कार्रवाई करते हैं।