
उज्जैन। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला स्तर पर संयुक्त बैठक का आयोजन मंगलवार को जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। बैठक में जिला कार्यकम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग बृजेश त्रिपाठी, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. संगीता पलसानिया, जिला स्वास्थ्य एवं महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. सुनीता परमार, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मंजुषा पिप्पल, समस्त खण्ड चिकित्साधिकारी, समस्त परियोजना अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक मनीष भद्रावले, जिला कम्युनिटी मोबिलाईजर अनस कुरेशी, सहायक कार्यक्रम प्रबंधक दिलीप वसुनिया, श्रीमती विनीशा सोलंकी डी.ई.आई.एम., समस्त बी.पी.एम., बी.सी.एम., पी.एच.एम. सहित विभिन्न अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में डॉ. पलसानिया ने निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं का शतप्रतिशत ए.एन.सी. पंजीयन सुनिश्चित करें। दोनों विभागों का मैदानी अमला ये सुनिश्चित करें कि प्रसूति की संभावित दिनांक के पूर्व ही गर्भवती महिला को क्षेत्र की शासकीय संस्था में भर्ती करवाकर संस्थागत प्रसव करवाए एवं डिलेवरी अपडेशन भी शत प्रतिशत करें। जिले में प्रोजेक्ट संवर्धन का भी बेहतर क्रियान्वयन कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के दिशा निर्देश दिए गए। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर रिव्यू कर सुधारात्मक कार्यवाही एवं इसकी रिपोर्ट भी शत प्रतिशत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डॉ. पलसानिया ने निर्देश दिए कि हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं का चिन्हांकन कर उनसे निरन्तर समन्वय कर उसका पूर्ण प्रबंधन करें। दोनों विभाग विकासखण्ड स्तर व सेक्टर स्तर पर बैठक कर विभागीय कार्यकमों एवं योजना की समीक्षा कर लक्ष्य पूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्यवाही करें। एनीमिया मुक्त भारत के तहत आयरन की गोली, सीरप का भी निर्धारित दिशा निर्देशानुसार अनुपूरण करवाया जाएं। आयुष्मान भारत निरामयम योजना के तहत भी पात्र हितग्राहियों एवं धरती आभा क्षेत्र के हितग्राहियों के भी शतप्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाये जाने के लिए भी निर्देश दिए गए। साथ ही पोषण पुनर्वास केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को भर्ती करवाने के लिए दोनों विभाग आपस में समन्वय रख बच्चों को भर्ती करवाकर उपचार करवाएं। दोनों विभागों की रिपोर्ट में एकरूपता हो इसका विशेष ध्यान रखें।