
उज्जैन,31 जनवरी। सीएमएचओ डॉ. अशोक कुमार पटेल ने जानकारी दी कि नवजात शिशुओं के स्वस्थ भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए "मिशन कोमल स्पर्श" की शुरुआत की जा रही है। इस मिशन का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 25 जनवरी को उज्जैन में संभाग के सभी जिलों के लिए किया गया था। मिशन कोमल स्पर्श उज्जैन कमिश्नर आशीष सिंह, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा अरबिंदो अस्पताल इंदौर डॉ. विनोद भंडारी के सहयोग से सभी प्रसव केंद्रों में प्रारंभ किया गया है। इसी क्रम में 31 जनवरी को जिला चिकित्सालय उज्जैन, चरक भवन में अरबिंदो अस्पताल की विशेषज्ञ टीम द्वारा उज्जैन जिले के जिला हॉस्पिटल एवं अन्य प्रसव केंद्रों के डॉक्टर एवं स्टाफ को प्रशिक्षण प्रदान किया गया। आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में संभागीय क्षेत्रीय संचालक डॉ. दीपक पिप्पल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अशोक कुमार पटेल, सिविल सर्जन डॉ. पलसानिया, आरएमओ डॉ. चिन्मय चिंचोलकर सहित अरबिंदो अस्पताल की टीम उपस्थित रही।
‘मिशन कोमल स्पर्श’ अंतर्गत नवजात शिशुओं में तीन प्रकार की बीमारियों कृहाइपोथायरॉइडिज्म, कॉन्जेनिटल एड्रिनल हाइपरप्लेसिया (CAH) एवं G6PD की जांच की जाती है। यह जांच जन्म के तुरंत बाद शिशु की एड़ी से केवल एक बूंद रक्त (हील प्रिक) लेकर की जाती है। समय पर जांच से इन बीमारियों की पहचान संभव है तथा समय रहते उपचार किया जा सकता है। यदि कोई शिशु जांच में पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसका संपूर्ण उपचार मिशन कोमल स्पर्श के अंतर्गत श्री अरबिंदो अस्पताल द्वारा पूर्णतः निःशुल्क किया जाएगा। यह मिशन उज्जैन संभाग के सभी जिलों में चरणबद्ध रूप से प्रारंभ किया गया है। इससे भविष्य में बच्चों तथा उनके माता-पिता पर पड़ने वाले मानसिक एवं आर्थिक बोझ को कम किया जा सकेगा। मिशन कोमल स्पर्श एक ऐसा प्रयास, जो हर बच्चे को सुरक्षित, स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए समर्पित है।