
उज्जैन। करीब 2 साल पहले जिला प्रशासन ने हरी फाटक ओवर ब्रिज के समीप मन्नत गार्डन की सरकारी जमीन से अवैध कब्जे हटाए थे और 2.31 हेक्टेयर जमीन को कब्जे में लिया था। यहां अब नगर निगम द्वारा मेघदूत वन तैयार कराया जा रहा है। जिसमें सैकड़ों वाहनों के लिए पार्किंग भी बनाई जाएगी।
शुक्रवार को महापौर मुकेश टटवाल ने किया स्मार्ट सिटी के अधिकारियों के साथ उक्त स्थल का निरीक्षण किया। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन द्वारा हरी फाटक ब्रिज के नीचे स्थित मन्नत गार्डन की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद नगर निगम को हस्तांतरित की गई है।
नगर निगम द्वारा उक्त 2.31 हेक्टर जमीन पर मेघदूत वन विकसित किया जा रहा है जिसमें सैकड़ों वाहनों के लिए पार्किंग बनाई जाएगी।
दुकानें ,रेस्टोरेंट और पाथवे भी....
तैयार हो रहे मेघदूत वन में 28 दुकानें, एक रेस्टोरेंट के अलावा 2.5 मीटर का पाथवे,बैठने के लिए बेंचेस,लाइटिंग के पोल भी रहेंगे।
11.36 करोड़ की है लागत...
उक्त कार्य का स्थल निरीक्षण शुक्रवार को महापौर तथा अधिकारियों ने किया। अधिकारियों के अनुसार महाकालेश्वर मंदिर एवं महाकाल लोक में श्रद्धालुओं की प्रतिदिन बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए वाहनों की पार्किंग का निर्माण स्मार्ट सिटी द्वारा 11.36 करोड़ की लागत से किया जाएगा।
बाइक से लेकर कार और बसें हो सकेंगे पार्क..
स्थल निरीक्षण के दौरान महापौर मुकेश टटवाल को संबंधित कंसल्टेंट द्वारा पार्किंग स्थल का नक्शा बताते हुए कार्य योजना से अवगत कराया एवं बताया कि पार्किंग स्थल पर लगभग 600 गाड़ियां पार्क की जा सकेगी। जिसमें 500 फोर व्हीलर,10 बसें,150 बाइक,12 ई रिक्शा पार्क की जा सकती है। पार्किंग स्थल को मेघदूत वन के नाम से जाना जाएगा।
यह सुविधाएं भी रखी जाए...
महापौर द्वारा निरीक्षण करते हुए संबंधित कंसलटेंट को निर्देशित किया कि पार्किंग स्थल पर शौचालय की भी व्यवस्था रहे साथ ही यहां आवश्यकता के अनुरूप फ्रेश रूम का भी निर्माण किया जाएगा। श्री महाकाल लोक परियोजना द्वितीय चरण अंतर्गत यहां पार्किंग बनाए जाने से यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिलेगी जिससे वे अपने वाहन यहां सुव्यवस्थित रूप से पार्क कर सकेंगे। उक्त कार्य जल्द ही पूर्ण किए जाने हेतु सीमा दी गई है। निरीक्षण के दौरान स्मार्ट सिटी के सीईओ आशीष पाठक, शिवेंद्र तिवारी, पार्षद रामेश्वर दुबे एवं स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिकारी मौजूद थे।