
उज्जैन। विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत कालिदास अकादमी के अभिरंग सभागार में 13 से 17 मार्च 2026 तक “इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ एंशिएंट स्प्लेंडर (प्राचीन वैभव का अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव)” आयोजित किया जा रहा है। यह महोत्सव प्रतिदिन सुबह 11:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक आयोजित होगा।
महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में भारत सहित विश्व के विभिन्न देशों की सांस्कृतिक, पौराणिक और ऐतिहासिक विषयों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें हिंदी फीचर फिल्में, अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्में, वृत्तचित्र, विदेशी फीचर फिल्में तथा चयनित सबमिशन फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा।
महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ की तरफ से गुरुवार को देवास रोड स्थित कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। जिसमें शोध पीठ के निदेशक श्री राम तिवारी, राजेश कुशवाह वरिष्ठ कार्य परिषद सदस्य सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन, डॉ. रमण सोलंकी पुरातत्वित, दिनेश दिग्गज राष्ट्रीय कवि उपस्थित रहे। शोध पीठ के निदेशक श्री राम तिवारी के अनुसार इस महोत्सव का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं, पौराणिक कथाओं और विश्व सभ्यताओं से जुड़े विषयों को सिनेमा के माध्यम से प्रस्तुत करना है। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में विभिन्न देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, फिल्म निर्देशक, कलाकार और सांस्कृतिक विशेषज्ञ भी विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
महोत्सव में विशिष्ट अतिथि
फिल्म महोत्सव में फिजी, इक्वाडोर, फ्रांस, लेसोथो, दक्षिण अफ्रीका, वेनेजुएला, मेक्सिको, मंगोलिया, सूरीनाम, साइप्रस, लेबनान, नेपाल, गुयाना और श्रीलंका सहित कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधि, फिल्म निर्देशक और कलाकार शामिल होंगे।
भारत से प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी, जयंत देशमुख और श्वेता मेहता भी इस आयोजन में भाग लेंगे।
महोत्सव सहयोगी देश
यूएसए, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, यूरोपीय संघ, मेक्सिको, श्रीलंका, स्पेन, इजराइल, साइप्रस, नेपाल, मोरक्को, लेसोथो, इक्वाडोर, मंगोलिया, लेबनान, क्यूबा, इंडोनेशिया, फिजी, चाड, वेनेजुएला, नाइजीरिया, पेरू, सूरीनाम, डोमिनिकन गणराज्य, त्रिनिदाद और टोबैगो, आइसलैंड तथा गुयाना सहित अनेक देशों का सहयोग प्राप्त है।
पूर्व फिल्म महोत्सवों में अंतरराष्ट्रीय राजनयिकों की गरिमामयी उपस्थिति
महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा विक्रम विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित कार्यक्रमों में पिछले दो वर्षों (2024 एवं 2025) के दौरान विश्व के विभिन्न देशों से आए उच्चाधिकारियों और विशिष्ट अतिथियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। इन आयोजनों में अंतरराष्ट्रीय संबंधों को सुदृढ़ करने वाले अनेक महत्वपूर्ण राजनयिक शामिल हुए। मार्च 2025 में आयोजित कार्यक्रम में फिजी के उच्चायुक्त महामहिम श्री जगन्नाथ सामी, नेपाल के राजनयिक श्री रबिंद्र जंग थापा, नाइजीरिया के उच्चायुक्त श्री उबोंग अकपान जॉनी तथा वेनेजुएला की राजदूत सुश्री कापाया रोड्रिगेज गोंजालेज सहित कई देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इसी प्रकार अप्रैल 2024 के सत्र में सूरीनाम के राजदूत अरुनकोएमर हार्डियन, चाड की राजदूत श्रीमती डिला लुसिएन, लेसोथो के राजदूत लेबोहांग वेलेंटाइन मोचाबा, क्यूबा की सचिव मलेना रोजस मदीना और वेनेजुएला के काउंसलर अल्फ्रेडो जीसस काल्डेरा गुजमैन की उपस्थिति विशेष रही। इन आयोजनों ने वैश्विक मंच पर सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के साथ विभिन्न देशों के साथ सहयोग और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा प्रदान की है।
विक्रम उत्सव 2026 के अन्य प्रमुख आयोजन
विक्रम उत्सव 2026 के अंतर्गत उज्जैन में साहित्य, कला और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। 14 मार्च 2026 को रात्रि 8:30 बजे घंटाघर चौक पर अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित होगा, जिसमें पद्मश्री डॉ. सुनील जोगी, अरुण जैमिनी, गजेंद्र प्रियांशु, दीपक पारीक, प्रियंका राय, रागिनी झा, पार्थ नवीन, उपेंद्र पांडेय और आदित्य जैन अपनी रचनाओं का पाठ करेंगे। कार्यक्रम का संचालन उज्जैन के कवि दिनेश दिग्गज करेंगे।
शिव पुराण प्रदर्शनी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ
13 से 17 मार्च तक कालिदास अकादमी के बहिरंग परिसर में प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रातः 11:00 बजे से केरल म्यूरल चित्र शैली में सुजीथ कुमार द्वारा निर्मित शिव पुराण चित्रकला प्रदर्शनी लगाई जाएगी। सायं 7:00 बजे से शैव परंपरा पर आधारित डेरु जंगम, शिव तांडव, ओडूगुल्लू और काठी जैसे पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुतियाँ होंगी। इसके पश्चात सायं 8:00 बजे से कुचिपुड़ी, भरतनाट्यम, कथक और ओडिसी जैसे शास्त्रीय नृत्यों की प्रस्तुतियाँ होंगी।
भगवान जाहर वीर गोगा देव पर केंद्रित प्रस्तुति
15 मार्च 2026 को प्रातः 9:00 बजे कालिदास अकादमी परिसर में भगवान जाहर वीर गोगा देव की महिमा पर आधारित गोगा गायन की विशेष प्रस्तुति होगी। इसमें उज्जैन संभाग, इंदौर, राजस्थान और महाराष्ट्र के लोक कलाकार भाग लेंगे।
अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी
महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय में 13 से 15 मार्च 2026 तक “भारतीय ज्योतिष में वेध परंपरा – वैशिष्ट्य एवं प्रमाण” विषय पर अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी आयोजित की जाएगी। इसमें भारत सहित अमेरिका, नेपाल, रूस और यूक्रेन के विद्वान अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। आयोजन समिति ने सभी कला प्रेमियों और धर्मप्राण नागरिकों से इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।
13 मार्च 2026 की प्रमुख गतिविधियाँ
हिंदी फीचर फिल्में:
जय महादेव (1995), भारत मिलाप (1942), वामन अवतार (1955), राजा हरिश्चंद्र (1913), माया मच्छिंद्र (1960)
अन्य भारतीय भाषाओं की फिल्में:
भगवान श्री कृष्ण (गुजराती), भट्टी विक्रमर्क (तेलुगु), मीरा रो गिरधर (राजस्थानी), कृष्ण विजयम (तमिल), राधा कृष्णो (बंगाली)
डॉक्यूमेंट्री:
84 महादेव (उज्जैन के गुप्त शिव मंदिर), म्यसोन (वियतनाम का शिव मंदिर परिसर), विक्रम या अयोध्या (सम्राट विक्रमादित्य का संबंध)
विदेशी फीचर फिल्में:
डेडिकादा अ मी एक्स (इक्वाडोर), जे – द स्कार मार्क्ड हर बिगिनिंग (जर्मनी), तुर्बा (वेनेजुएला), वन वीक एंड अ डे (इजराइल), ऑपरेशन ओरियन (वेनेजुएला)
सबमिशन फिल्में:
मेन भारत, डिजिटल फास्टिंग
14 मार्च 2026 की प्रमुख गतिविधियाँ
हिंदी फीचर फिल्में:
महाभारत (1965), महा विष्णु (1974), हर हर महादेव (1974), राम राज्य (1943), बलराम श्रीकृष्ण (1978)
अन्य भारतीय भाषाएँ:
बलराम श्री कृष्ण (गुजराती), विक्रम थुई थान कांडा (तमिल), श्री कृष्ण गरुंडी (कन्नड़), श्री कृष्ण अवतारम (तेलुगु), श्री कृष्ण परुन्थु (मलयालम)
डॉक्यूमेंट्री:
द्वादश ज्योतिर्लिंग, वाट फोउ (लाओस), सांदीपनि आश्रम
विदेशी फीचर फिल्में:
मिसफिट एरे ओ ते हसेस (इक्वाडोर), द हाईलैंड वैनगार्ड (इंडोनेशिया), क्यूका – एंसेस्ट्रल मेमोरी (वेनेजुएला), साचा – ए बॉय फ्रॉम चेर्नोबिल (क्यूबा), द लीप ऑफ द एंजल्स (वेनेजुएला)
सबमिशन फिल्में:
किताबी मस्ती, द व्हिस्पर्स ऑफ चेंज, रे इंकलाबी
15 मार्च 2026 की प्रमुख गतिविधियाँ
हिंदी फीचर फिल्में:
कालिया मर्दन (1919), भक्त ध्रुव (1947), आनंद मठ (1952), कण-कण में भगवान (1963), संत तुलसीदास (1972)
अन्य भारतीय भाषाएँ:
भक्त नरसैयो (गुजराती), गोपाल कृष्ण (मराठी), कृष्णा गोविंदा (ओड़िया), श्री कृष्ण लीलायु (तेलुगु), कृष्ण भक्ति (तमिल)
डॉक्यूमेंट्री:
महाकाल (समय की अवधारणा), प्रम्बानन (इंडोनेशिया का त्रिमूर्ति मंदिर परिसर), हेलियोडोरस स्तंभ (150 ईसा पूर्व)
विदेशी फीचर फिल्में:
सिटी ऑफ घोस्ट्स (पेरू), दैट ऑर्केस्ट्रा विद द ब्रोकन इंस्ट्रूमेंट्स (इजराइल), द एक्स्ट्राऑर्डिनरी जर्नी ऑफ द ड्रैगन (वेनेजुएला), एल मेयर (क्यूबा), जूलिया हैज़ अ शुगर (वेनेजुएला)
सबमिशन फिल्में:
फेक आईडी, डोगले
16 मार्च 2026 की प्रमुख गतिविधियाँ
हिंदी फीचर फिल्में:
गोपाल श्री कृष्ण (1938), नारद लीला (1972), कवि कालिदास (1959), नरसी भगत (1940), श्री गणेशा (1950)
अन्य भारतीय भाषाएँ:
श्री कृष्ण शरणम (गुजराती), महाबीर कृष्ण (बंगाली), श्री कृष्ण रुक्मणी सत्यभामा (कन्नड़), कृष्ण गुरु व्यारप्पा (मलयालम), भगत धन्ना जट (पंजाबी)
डॉक्यूमेंट्री:
महाकाल – सृष्टि का समय चक्र, मार्तंड सूर्य मंदिर (कश्मीर), अंकोरवाट (कंबोडिया)
विदेशी फीचर फिल्में:
वीरेन (सूरीनाम), अनिबल – ओ कॉन्क्विस्टाडोर (पुर्तगाली), द बट्राचियन्स (वेनेजुएला), व्हॉट डू यू डू? (यूएसए), द इनर ग्लो (वेनेजुएला)
सबमिशन फिल्में:
एक और आज़ादी, चूक – द मिस्टेक
17 मार्च 2026 की प्रमुख गतिविधियाँ
हिंदी फीचर फिल्में:
हरि दर्शन – प्रहलाद महाराज (1972), सम्पूर्ण रामायण (1981), बजरंग बली (1976), चैतन्य महाप्रभु (1954), शंकर सीता अनुसूया (1965)
अन्य भारतीय भाषाएँ:
यशोदा कृष्ण (तेलुगु), श्री कृष्ण लीला (तमिल), श्री कृष्ण प्रेम (बंगाली), श्री कृष्ण अर्जुन युद्धम (तेलुगु), भगवान श्री कृष्ण चैतन्य (बंगाली)
डॉक्यूमेंट्री:
राजा भोज, विजय मंदिर (विदिशा), रामायण – श्रीलंका और आसियान देशों में परंपरा
विदेशी फीचर फिल्में:
रिटूर ए पोंडिचेरी (फ्रांस), टोंटन एडुआर्ड (फ्रांस), ताराकाई डी चिवो (वेनेजुएला), डांस ऑफ शिवा (फ्रांस), डेथ इन बेरुएकोस (वेनेजुएला)
सबमिशन फिल्में:
द सेलिब्रेशन ऑफ दुर्गा पूजा – ए स्पिरिचुअल जर्नी इनटू इंडियाज फेस्टिव सीजन, लिपित्तिक