
उज्जैन। पूरे भारत में सार्वजनिक परिवहन में सुधार लाने के उद्देश्य से , प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना की बदौलत 10,000 इलेक्ट्रिक बसों के साथ एक महत्वपूर्ण और रोमांचक विकास प्राप्त होने जा रहा है । इस योजना के तहत, 168 शहरों को उनकी आबादी के आधार पर इलेक्ट्रिक बसों का आवंटन किया जायेगा । इसमें से उज्जैन के हिस्से में कुल 100 इलेक्ट्रॉनिक बसें आएगी।
उज्जैन को मिलने वाली सौ इलेक्ट्रॉनिक बसों में से 70 मिडी इलेक्ट्रिक बसें होगी ।जिनकी लंबाई 7 मीटर और जो 36 यात्रियों को बिठाने में सक्षम होगी, जबकि शेष 30 मिनी इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनकी लंबाई 9 मीटर है और जिनकी क्षमता 40 यात्रियों की है। ये इलेक्ट्रिक बसें उज्जैन की परिवहन प्रणाली के लिए वरदान साबित होंगी, जिससे यातायात की भीड़ को कम करने और पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी।
5 सितंबरको, उज्जैन सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विस लिमिटेड ने मूल्यांकन और आगे की कार्रवाई के लिए भोपाल नगरीय प्रशासन को अपनी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डी.पी.आर.) सौंपी। इन इलेक्ट्रिक बसों के उज्जैन के भीतर विभिन्न मार्गों पर संचालित होने की उम्मीद है, जिससे शहर के सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क में वृद्धि होगी। उल्लिखित कुछ मार्गों में जयसिंगपुरा मार्ग से आर.डी. गार्डी, पाइपलाइन फैक्ट्री चौराहे से भैरवगढ़ पुलिस स्टेशन, हक्कानीपुरा से अभिलाषा कॉलोनी, देवास गेट से तपोभूमि तक आसान पहुंच प्रदान करना शामिल है। साथ ही यात्रियों को हरि फाटक ब्रिज से उज्जैन दर्शन के लिए इसका लाभ मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, अमृत मिशन 1.0 कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, उज्जैन को भोपाल नगरीय प्रशासन से 20 इलेक्ट्रिक बसें भी मिलेंगी। 12 मीटर लंबी और 44 यात्रियों की क्षमता वाली ये इलेक्ट्रिक बसें उज्जैन को इंदौर, कोटा, भोपाल, ओंकारेश्वर, बड़नगर और देवास सहित कई अन्य शहरों से जोड़ेंगी। इलेक्ट्रिक बस के इस विस्तार से न केवल उज्जैन के भीतर परिवहन में सुधार होगा, बल्कि आस-पास के शहरों के लिए सुविधाजनक और टिकाऊ यात्रा के विकल्प भी उपलब्ध होंगे, जो क्षेत्र के समग्र विकास में योगदान देगा।
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