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Ujjain News: पुलिस प्रशासन की चेतावनी का 24 घंटे पालन नहीं कर पाए निजी बस वाले

उज्जैन। पिछले हफ्ते चामुंडा माता चौराहा पर बस की चपेट में आने से बीएसएनएल महिला कर्मी की मौत के बाद शुक्रवार को पुलिस प्रशासन ने बस ऑपरेटरों को कंट्रोल रूम पर हुई बैठक में कुछ निर्देश दिए गए थे कि दीवार गेट बस स्टैंड से इंदौर की बस नहीं चलेगी लेकिन पुलिस प्रशासन के इस आदेश या चेतावनी को अगले ही दिन बस संचालकों ने हल्के में लिया और देवासगेट बस स्टैंड से इंदौर की बसें चलाई।


उल्लेखनीय है कि पुलिस ने शुक्रवार को कंट्रोल रूम पर बस ऑपरेटर्स के साथ बैठक की। इसमें एएसपी जयंत राठौर के साथ डीएसपी ट्रैफिक विक्रमसिंह कनपुरिया, यातायात टीआई दिलीप सिंह परिहार मौजूद थे। सभी ने ऑपरेटर्स को नियम पालन करने के निर्देश दिए थे और चेतावनी दी गई थी कि इंदौर तथा देवास की बसें देवास गेट बस स्टैंड से संचालित नहीं की जा सकेंगी। ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई की जाएगी।


24 घंटे भी नहीं माना आदेश और चेतावनी...


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आरटीओ तिराहा पर सवारी के इंतजार में खड़ी देवास जाने वाली बस


शुक्रवार को आयोजित इस बैठक के बाद शनिवार सुबह से ही निजी बस चालकों ने मनमानी शुरू कर दी और पूर्व की तरह दीवार गेट बस स्टैंड से ही दिनभर इंदौर की बस है चलाई और जगह-जगह गाड़ी रोक कर सवारियां बैठाई। हैरत की बात यह रही की अपने ही आदेश का पालन करने के लिए ना तो पुलिस और ना ही आरटीओ विभाग से कोई इन पर कार्रवाई करने पहुंचा। देवास गेट और चामुंडा चौराहा ही नहीं बल्कि हरीफाटक,शांति पैलेस के सामने भी सवारी बैठाने के लिए बसें खड़ी होती रही। इधर भरतपुरी तिराहे पर देवास की सवारियां बैठाई जा रही थी।


सिटी बस वाले भी मिले हुए हैं इनसे....


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हरी फटक ओवर ब्रिज पर सिटी बस इंदौर की बस को सवारी सौंपते हुए


शनिवार को सिटी बस वाले ने देवास गेट से नानखेड़ा जाने वाले यात्रियों को बैठाया। लेकिन उन्हें नानाखेड़ा पहुंचने की बजाय हरीफाटक ब्रिज के मुहाने पर इंदौर जाने वाली बस के पास रोककर यात्रियों को यह कहते हुए सिटी बस से उतार दिया कि इंदौर की सवारी इसमें बैठ जाए। इसके बदले में सिटी बस चालक ने निजी बस के ड्रायवर से रुपए लिए और बस खाली कर चलता बना। मिली भगत का यह खेल भी मीडिया के कैमरों में कैद हो गया।


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देवास गेट बस स्टैंड के बाहर इंदौर की सवारी के लिए खड़ी निजी बस


निजी बस ऑपरेटरों को यह समझाया गया था...


पुलिस कंट्रोल रूम पर बुलाई गई बैठक में एक दिन पहले बस ऑपरेटर को हिदायत दी गई थी कि वह देवासगेट से इंदौर की बस चलाना बंद कर दें, अन्यथा न सिर्फ बसें जब्त होगी, बल्कि परमिट व ड्राइवर का लाइसेंस भी निरस्त कर दिए जाएंगे। इसके अलावा देवासगेट से अन्य रूट पर चलने वाली बसों को भी रास्ते में जगह-जगह नहीं रोक सकेंगे। जिन बसों का देवासगेट बस स्टैंड से संचालन का परमिट का है, वहीं बस देवासगेट से चलेगी। इंदौर की बसों के लिए नानाखेड़ा बस स्टैंड तय है और इसी अनुसार व्यवस्था का संचालन होगा। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह निर्देश देकर अधिकारी भी भूल गए और बैठक का कोई नतीजा नहीं निकला।

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