
उज्जैन। मंगलवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा लेकर उज्जैन पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने महाकाल दर्शन किए। इसके बाद रोड शो हुआ, फिर देवास गेट चौराहे पर उन्होंने आमसभा ली। इस दौरान राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में आर्थिक अन्याय हो रहा है।
मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के चौथे दिन मंगलवार को दोपहर राहुल गांधी उज्जैन पहुंचे। यहां आकर सबसे पहले उन्होंने महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन किए। इसके बाद वह खुली जीप में सवार होकर रोड शो करने निकले। महाकाल के दर्शन करते समय उनके साथ कमलनाथ जीतू पटवारी और विधायक महेश परमार नजर आए। महाकाल दर्शन करने के बाद राहुल गांधी उज्जैन की सड़कों पर रोड शो के लिए निकले। महाकाल घाटी से शुरू हुआ रोड शो चौबीस खंबा, बर्तन बाजार, गोपाल मंदिर, सती गेट, कंठाल चौराहा, नई सड़क होते हुए देवास गेट पहुंची। जहां पर बीच-बीच में राहुल गांधी का फूलों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। वहीं राहुल गांधी भी लोगों को अभिवादन करते हुए नजर आए। जीतू पटवारी उनकी गाड़ी पर नजर आए। कमलनाथ महाकाल मंदिर के बाद नहीं दिखाई दिए। राहुल गांधी लोगों के द्वारा दी गई अलग-अलग वस्तुओं को लेते नजर आए। कहीं गुब्बारे,तस्वीर और सोठा लेकर दिख रहे थे, रास्ते में किसान कार्यकर्त्ता भी चल रहे थे। अपनी फसलों को साथ लेकर, बीच-बीच में किसी ने उन्हें अपनी बनाई हुई पेंटिंग भी दी। वह उन्होंने स्वीकार की। राहुल गांधी के रोड शो में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं जमकर की नारेबाजी वहीं अलग-अलग नेताओं की तख्तियां भी लेकर लोग चलते हुए दिखाई दिए।
राहुल गांधी की इस यात्रा में जगह-जगह मंच से फूलों की बारिश की गई। लेकिन उनके सुरक्षा कर्मियों ने लोगों को फूल उड़ाने के लिए मना करते नजर आए। राहुल के इस रोड शो में कुछ लोग हाथों में तिरंगा लिए दिखाई दिए। राहुल ने रोड शो में बच्चियों को भी अपने साथ रखा। जिसमें उनके साथ बुल बुल यादव पूरे समय सभा के दौरान दिखाई दी। वहीं एक अन्य छोटी बच्ची के माध्यम से राहुल ने सवाल पूछा कि आखिर कितने अमीरों का नरेंद्र मोदी ने कर्ज माफ़ किया। राहुल गांधी ने सभा शुरू करते हुए कहा कि पिछले साल हमने भारत जोड़ो यात्रा की थी। देश में नफरत फैलाई जा रही है। भाई से भाई को लड़ाया जा रहा है। लोगों को डराया जा रहा है। इस बीच राहुल गांधी ने अपनी स्पीच रोक कर एक व्यक्ति को अपनी गाड़ी पर चढ़ाया और पूछा की आपके हाथ में चोट कैसे लगी। उसने अपनी बात बताई और राहुल गाँधी ने उस व्यक्ति को बुलाया और गले लगाया।फिर अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि आप सबको सॉरी फिर उस व्यक्ति की तरफ इशारा करते हुए राहुल गाँधी ने कहा कि ऐसे हिंदुस्तान में लाखों लोग हैं, राहुल गाँधी ने कहा कि भारत जोड़ो का मतलब नफरत मिटा, नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलो। यह काफी आसान होता है। यह इतना मुश्किल नहीं होता है। जैसे कभी-कभी क्या होता है कि मैं यात्रा में चल रहा होता हूं। जैसे बीजेपी का आज लोग झंडा लिए खड़े थे और चिल्ला रहे थे। मैं गाड़ी से उतरा और मैंने हाथ मिलाया। मैंने उनसे पूछा कैसे हो। फिर उन्होंने चिल्लाना बंद कर दिया। फिर मुस्कुराना शुरू कर दिया और वह जाते समय मुझे फ्लाइंग किस कर रहे थे। और वह इतना आसान होता है इतना मुश्किल नहीं होता है और यह क्या होता है। जो यात्रा हमने शुरू की कन्या से कुमारी तक रोज 30 किलोमीटर चलते थे। यह हिंदुस्तान का प्यार है, जो व्यक्ति हिंदुस्तान को जोड़ने के लिए लड़ रहा है, जो मुझे बिना कुछ कहे मदद कर रहा है। दूसरी यात्रा हमने क्यों शुरू की जब हम नॉर्थ ईस्ट में नहीं गए तो यह यात्रा जो है इसको इन प्रदेशों में भी जाना चाहिए इसलिए हमने दूसरी यात्रा शुरू की और मणिपुर से शुरू की आज मैं यहां आपके सामने हाजिर हुआ हूं। उसमें हमनें अब आप पूछोगे भैया हिंदुस्तान में आर्थिक अन्याय हो रहा है। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है। महिलाओं के साथ अन्याय हो रहा है, सारा का सारा धन दो तीन बड़े-बड़े घरानों को दिया जा रहा है। जैसे अडानी एयरपोर्ट,अडानी रेलवे, अडानी एयरपोर्ट जहां भी देखो वह दो-तीन बड़े नाम दिखेंगे वही दो-तीन बड़े नाम दिखेंगे मैं आपसे एक सवाल पूछना चाहता हूं। आपका टेस्ट लेना चाहता हूं। चलो यहां पर पिछड़ा वर्ग के कितने लोग हैं। दलित वर्ग के कितने लोग हैं, आदिवासी वर्ग के कितने लोग हैं, गरीब जनरल वर्ग के लोग कितने हैं। हिंदुस्तान के उन बड़े अधिकारियों में दलित नहीं आदिवासी नहीं पिछड़ा वर्ग के लोग नहीं मिलेंगे सबसे बड़ा ब्यूरोक्रेट्स की लिस्ट निकालो जो देश का बजट बताते हैं जो बड़ी-बड़ी मिनिस्ट्री हैं उसमें ना पिछड़ा है ना दलित है ना आदिवासी है। फिर उन्होंने अपने साथ वाहन में समीप बैठी बच्ची से पूछा,
बुलबुल यादव क्या तुम बता सकती हो के न्यूज़ चैनल में अगर एक भी एंकर यादव दिख जाए तो आप बता दो मुझे आपको पिछड़े वर्ग के लोग दलित, आदिवासी लोग मीडिया में नहीं मिलेंगे। आपको सिर्फ कांट्रेक्टर की लेबर की लिस्ट में यह लोग मिलेंगे अब इनके पापा को कैसे खत्म करने की कोशिश की पहले जीएसटी फिर नोटबंदी और फिर इनके पापा का जो नगद व्यापार होता था वह रोक दिया गया। राहुल ने बच्ची से कहा , क्यों आपके पापा की दुकान है,वो हां कहती है। राहुल कहते है उसमें अगर अडानी फ्रेश, अंबानी फ्रेश खुल जाए तो क्या होगा। सोचो तुम्हारे पापा को वहां नौकरी करनी पड़ेगी, बुल बुल आपको सब जगह यही 10- 15 लोग दिखेंगे। इन सब बातों को अंत करते हुए फिर वे अपनी गाड़ी से सभा को जय महाकाल कहते हुए आगे बढ़ गये। इसके बाद राहुल गाँधी बड़नगर के लिये रवाना हुए।इसके पहले वे इंगोरिया में भी रुकेंगे।