

उज्जैन। प्रख्यात इतिहास एवं पुराविद् पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा 77वें गणतंत्र दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि सम्राट विक्रमादित्य काल से ही गणराज्य की संकल्पना चली आ रही है। मालवनाम गणश्य, मालव गणराज्य की स्थापना विक्रमादित्य ने इसी पावन धरा पर की थी। आप महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ पर गणतंत्र दिवस पर संबोधित कर रहे थे शोधपीठ कार्यालय पर आयोजित समारोह में पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय कार्य परिषद सदस्य राजेश सिंह कुशवाह के आतिथ्य में गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया ।
इस अवसर पर शोधपीठ के संगोष्ठी अकादमी निदेशक डॉ रमन सोलंकी ने अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर डॉ. अजय शर्मा, डॉ. प्रीति पांडे, रितेश वर्मा, संजय शर्मा, देवेंद्र सेंगर, डॉ. हेमंत लोदवाल, शुभम अहिरवार आदि उपस्थित थे। जानकारी डॉ. रमन सोलंकी द्वारा उपलब्ध कराई गई।
