
उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों ने अब जमीन पर रफ्तार पकड़ ली है। शहर की सड़कों, चौड़ीकरण और संपर्क मार्गों के निर्माण को लेकर प्रशासन ने सख्त टाइमलाइन जारी कर दी है। संभागायुक्त एवं मेला अधिकारी आशीष सिंह ने नगर निगम और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा में गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
संभाग आयुक्त आशीष सिंह के अनुसार प्रशासन ने विकास कार्यों को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का खाका तैयार किया है, ताकि सिंहस्थ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उज्जैन शहर की बाहरी कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए जीवन खेड़ी-सिकंदरी मार्ग (एमआर-21) का निर्माण तीन चरणों में किया जाएगा। इस महत्त्वपूर्ण मार्ग को अगस्त 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसी क्रम में नक्षत्र होटल से पंचमुखी हनुमान मंदिर तक सीसी रोड तथा गऊघाट ज्ञान सागर से कर्कराज टी तक सड़क निर्माण का कार्य जुलाई 2026 तक पूरा करने की योजना है। जंतर-मंतर सॉलिटेयर होटल से वाकणकर ब्रिज होते हुए रिंग रोड तक के मार्ग को सितंबर 2026 तक पूर्ण किया जाएगा। इस परियोजना में नई बॉक्स कल्वर्ट का निर्माण भी शामिल है, जिससे जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।
शहर के भीतरी हिस्सों में चौड़ीकरण की बड़ी चुनौती
घनी आबादी और व्यस्त बाजार क्षेत्रों में चौड़ीकरण प्रशासन के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो रहा है। अधिकारियों के मुताबिक यही कारण है कि सांदीपनि चौराहा से उदयन मार्ग तक चौड़ीकरण दिसंबर 2026 तक पूरा होगा। वहीं गाड़ी अड्डा से खजूर वाली मस्जिद, वीडी क्लॉथ मार्केट होते हुए बड़ी पुलिया तक का प्रोजेक्ट चार चरणों में चलेगा और मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसमें तेलीवाड़ा से छोटी पुलिया तक का काम दिसंबर 2026 के अंत तक समाप्त किया जाएगा।
हनुमान नाका से हरिफाटक (डॉ. चौबे मार्ग) तक रेलवे संबंधी कार्य अप्रैल 2026 तक और सड़क निर्माण अक्टूबर 2026 तक पूरा होगा।
राजस्व कॉलोनी और ढांचा भवन से एमआर-5 तक के कार्य भी वर्ष 2026 के अंत तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
महाकाल क्षेत्र पर विशेष फोकस
सिंहस्थ और धार्मिक आयोजनों को देखते हुए श्रद्धालुओं की सर्वाधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है। गदा पुलिया से नरसिंह घाट तथा आरएनटी मार्ग (खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक) तक के कार्य जनवरी 2027 तक पूर्ण होंगे। नीलगंगा से हरिफाटक तक का मार्ग जून 2026 तक तैयार कर लिया जाएगा।
पंवासा मे विस्थापितों के लिए सुविधाएं
विकास कार्यों से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर भी प्रशासन ने फोकस किया है। पंवासा में आवंटित भूखंडों पर नागरिक सुविधाएं विकसित करने का कार्य दो चरणों में पूरा होगा—पहला चरण 18 मई 2026 और दूसरा चरण 30 जून 2026 तक।
गुणवत्ता और समयसीमा से समझौता नहीं
संभागायुक्त ने सभी इंजीनियरों और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि तय समयसीमा में कार्य पूर्ण हों और गुणवत्ता सर्वोच्च स्तर की रहे। नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा बैठकों के जरिए प्रगति पर नजर रखी जाएगी।