
उज्जैन। श्रावण मास में आज बाबा महाकाल की दूसरी सवारी निकाली जाएगी। इसके साथ आज सोमवती हरियाली अमावस्या का संयोग भी बना है। रविवार शाम से ही श्रद्धालुओं का आस्था का नहान करने के लिए बाबा महाकाल की नगरी में पहुंचना शुरू हो गया था। दो धार्मिक पर्वों का एक साथ होने पर 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान लगाया गया है।
श्रावण-भादो मास की शुरुआत होते ही तीज, त्योहारों और का सिलसिला भी बना हुआ है। इस बार श्रावण मास भी अधिक मास के साथ आया है जिसका संयोग 19 साल बाद बना है। श्रावण के साथ ही 57 साल बाद सोमवार को सोमवती हरियाली अमावस्या का भी संयोग दूसरे सोमवार को बना है। सुबह शिप्रा नदी में आस्था का नहान और शाम को बाबा महाकाल की दूसरी सवारी होने पर रविवार शाम से ही श्रद्धालुओं का धार्मिक नगरी में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। रात 12 बजे बाद से ही श्रद्धालु सोमवती अमावस्या का नहान शुरू कर देंगे जिसका सिलसिला आज दिन भर जारी रहेगा। आस्था के नहान को लेकर प्रशासन द्वारा की अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था शिप्रा नदी के आसपास की गई है। बारिश के चलते जलस्तर बड़ा होने पर जहां पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है वहीं होमगार्ड और एनडीइआरएफ के 120 जवानों को शिप्रा के घाटों पर पेट्रोलिंग के लिए सुरक्षा उपकरणों के साथ ड्यूटी पर लगाया गया है। शिप्रा नदी की ओर आने वाले मार्गो पर भी भारी वाहनों की आवाजाही को रोके जाने का प्लान तैयार किया गया है। शिप्रा नदी की गहराई में श्रद्धालु ना जाए इसको लेकर लगातार एलाउंसमेंट किया जा रहा है। दिन भर चलने वाले आस्था के नहान में शामिल होने वाले श्रद्धालु शाम 4:00 बजे बाबा महाकाल की दूसरी सवारी में भी पहुंचेंगे इसको लेकर भी प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन और पुलिस का अनुमान है कि आज बाबा महाकाल की सवारी में श्रद्धालुओं की संख्या 6 लाख को पार कर सकती है।
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सोमतीर्थ कुंड पर लगाए गए फव्वारे
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शिप्रा नदी के रामघाट से कुछ ही दूरी पर सोमतीर्थ कुंड बना हुआ है। सोमवती अमावस्या पर सोम तीर्थ कुंड में स्नान का विशेष महत्व है शिप्रा का जलस्तर बड़ा होने पर प्रशासन द्वारा तीर्थ कुंड के आसपास फव्वारे लगाए गए हैं। रामघाट से दत्त अखाड़ा की ओर जाने वाली छोटी रपट पर आवागमन पूरी तरह से बंद कर रखा है। प्रशासन ने शिप्रा का जलस्तर और अधिक बढ़ने पर श्रद्धालुओं के स्नान को देखते हुए भी अपनी पूरी तैयारी कर रखी है अगर तेज बारिश और अचानक जल स्तर बढ़ा तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन नहान पर प्रतिबंध लगा सकता है।
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रात में ही तैनात किया गया पुलिस बल
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सोमवती अमावस्या पर ग्रामीण श्रद्धालुओं का 1 दिन पहले ही धार्मिक नगरी में पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। रविवार शाम से श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो चुका था जिनके कदम अंधेरा ढलने के बाद शिप्रा नदी की ओर बढ़ रहे थे जिसको लेकर पुलिस प्रशासन ने रात में ही जवानों की तैनाती शिप्रा नदी की ओर जाने वाले मार्गो के साथ प्रमुख घाटों पर कर दी थी। बाबा महाकाल की दूसरी सवारी होने पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती भी आज सुबह से कर दी जाएगी। पहली सवारी में 700 से अधिक पुलिसकर्मियों को सेवादल और वालंटियर के साथ तैनात किया गया था। दूसरी सवारी पर सोमवती अमावस्या का संयोग होने पर पुलिस जवानों की संख्या 11 सौ से अधिक कर दी गई है।