
उज्जैन। पिछले चार-पांच दिनों से शिप्रा नदी उफान पर है। शुक्रवार शाम तक गंभीर डेम का जलस्तर भी बढ़कर 1440 एमसीएफटी तक पहुंच गया था। इसके बाद भी बांध में लगातार पानी की आवक बनी हुई थी।

उल्लेखनीय है कि लगातार हो रही बारिश के कारण मोक्षदायिनी शिप्रा पिछले 4 दिनों से उफन रही है। इस बार पानी छोटे पुल को कई कई बार पार गया। राम घाट पर स्नान के लिए बनीं पेढ़ियां और मंदिरों का कुछ हिस्सा दिनभर जलमग्न रहा। इधर, शहर में जल आपूर्ति का मुख्य केंद्र गंभीर बांध लगभग 65 प्रतिशत तक भरा गया। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 2250 मिलियन क्यूबिक फिट (एमसीएफटी) जल संग्रहण क्षमता वाले गंभीर बांध में बीते 24 घंटों में 25 एमसीएफटी पानी आया। इससे जल प्रदाय के लिए उपलब्ध पानी की मात्रा बढ़कर 1440 एमसीएफटी हो गई।
सोमवार से मिलेगा रोज नलों से पानी ...
बांध में अब इतना पानी है कि दैनिक जरूरत 10 एमसीएफटी के अनुसार अगले 140 दिन नियमित जल प्रदाय किया जा सकता है। स्थिति को देख महापौर मुकेश टटवाल ने शहर में लागू एक दिन छोड़कर जल प्रदाय किए जाने की व्यवस्था को बंद कर आगामी सोमवार से रोजाना जल प्रदाय किए जाने का आश्वासन दिया है। इधर, कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त ने महाकाल तीसरी सवारी को देखते हुए रामघाट एवं दत्त अखाड़ा घाट पर स्नान के विशेष इंतजाम किए जाने के निर्देश दिए हैं।
उज्जैन में अब तक 19 इंच से अधिक बरसात
शहर में अब तक इस सीजन की 19 इंच से अधिक बरसात हो चुकी है। गत वर्ष इस अवधि में इस बार की अपेक्षा कम बरसात हुई थी। जीवाजी वेधशाला के अनुसार शुक्रवार शाम तक उज्जैन शहर में 500 मिलीमीटर अर्थात 19.68 इंच बारिश हो चुकी थी।24 घंटों में अच्छी बरसात हुई। दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से उछलकर 33.2 डिग्री सेल्सियस और रात का न्यूनतम तापमान 1 डिग्री लुढ़ककर 23 डिग्री पहुंचा। हवा 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली। मौसम विभाग ने शनिवार को भारी बारिश होने का अनुमान जताया है।