
उज्जैन। महाकालेश्वर मंदिर में जब से नई ठेका कंपनी क्रिस्टल इंटीग्रेटेड ने सुरक्षा का काम संभाला है, तब से वेतन देने में लापरवाही की जा रही है। डेढ़ माह बीतने को आए लेकिन अभी तक सुरक्षा कर्मियों के खातों में वेतन नहीं पहुंचा है। बेसन की मांग कर रहे कर्मचारियों को नौकरी से निकलने की धमकी दी जा रही है। इस बीच 50 से ज्यादा कर्मचारी काम को छोड़ चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि क्रिस्टल कंपनी द्वारा 15 जून से महाकालेश्वर मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था का ठेका संभालने का काम शुरू किया था। उस दौरान क्रिस्टल कंपनी के बारे में मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बढ़-चढ़कर ठेका कंपनी की तारीफ की थी और कहा था कि मुंबई में या कंपनी शाहरुख खान और अन्य स्टार की सिक्योरिटी के बंदोबस्त करती है। इधर कंपनी द्वारा महाकालेश्वर मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के बाद केवल सुरक्षा कर्मियों को 15 दिन का वेतन दिया गया है। जुलाई माह का वेतन आधा महीना बीतने के बावजूद नहीं डाला है जबकि 5 तारीख तक कंपनी को सुरक्षा कर्मियों के खाते में वेतन डाल देना चाहिए था। ऐसे में सुरक्षाकर्मी अपने वरिष्ठ अधिकारियों से प्रतिदिन वेतन की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन कंपनी के अधिकारी आजकल…. आजक कर रही हैं। यह वही कंपनी है जो कि सुरक्षाकर्मियों को एक घंटा पहले ड्यूटी पर बुलाती है और कभी कभी एक घंटा बाद भी ड्यूटी से छोड़ती है। लेट आने वाले सुरक्षाकर्मियों को घर भगा दिया जाता है। सुरक्षाकर्मियों से काम तो खूब लिया जा रहा है लेकिन वेतन देने की जब बारी आती है तो कंपनी के अधिकारी आजकल आजकल करते हुए समय निकाल देते हैं।
वेतन मांगने वालों को नौकरी से निकलने की धमकी..
पहले ही महीने से क्रिस्टल कंपनी ने अपने क्रेडिट खराब कर ली है। डेढ़ लाख रुपए की चपत लगाने के नाम पर सुरक्षा कर्मियों को गुमराह किया जा रहा है। जानकारी में आया है कि कंपनी के पर्सनल सोशल मीडिया ग्रुप पर जब सुरक्षाकर्मी अपना वेतन की मांग आपस में साझा करते हैं तो सुपरवाइजर द्वारा उनको मुंह न खोलने की धमकी दी जाती है। जानकारी के अनुसार सुरक्षाकर्मी किराए का मकान लेकर महाकालेश्वर मंदिर के आसपास ही निवास कर रहे हैं लेकिन मकान मालिक द्वारा किराए की मांग को तय तिथि पर नहीं देने के कारण उनका घर से निकलने की धमकी तक दी जा रही है। ऐसे में सुरक्षाकर्मी जब प्रशासक के पास जाने का कह रहे हैं तो उनको धमकियां मिल रही हैं।
ग्वालियर में भी कर्मचारियों को वेतन नहीं...
ग्वालियर में भी ऐसा कंपनी द्वारा किया जा रहा है। यहां की बिजली कंपनी में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती का ठेका क्रिस्टल इंटीग्रेटेड कंपनी द्वारा संभाल गया है। यहां पर प्रत्येक महीने की 7 तारीख तक वेतन देने की अवधि निश्चित की हुई है। लेकिन इसके बावजूद 1100 कर्मचारियों को वेतन के लिए परेशान किया जा रहा है। पिछले अप्रैल माह में 22 कर्मचारियों का वेतन भुगतान विसंगति बताकर रोक दिया गया है। इसके साथ ही पीएफ और ईएसआई भी कई कर्मचारियों का नहीं गया है।
50 से अधिक कर्मियों ने छोड़ा काम...
लंबे समय से वेतन नहीं मिलने से था मांगने पर मैनेजमेंट द्वारा नौकरी से निकाले जाने की धमकी के कारण क्रिस्टल कंपनी के महाकाल में तैनात किए गए कर्मचारियों में से 50 से ज्यादा कर्मचारी इसी रवैया के कारण नौकरी छोड़ कर जा चुके हैं। अन्य कर्मचारी भी काम छोड़ने की बात कर रहे हैं। इधर कंपनी का रवैया जानने के बाद भी महाकाल मंदिर प्रशासन संदीप कुमार सोनी मौन साधे हुए है। इसी के कारण कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।