
उज्जैन। विक्रमोत्सव–2026 के अंतर्गत “अनादि-पर्व” श्रृंखला में इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर मंच पर बुधवार की सांस्कृतिक संध्या भक्ति और नृत्य की आभा से सराबोर रही।

कार्यक्रम की प्रथम प्रस्तुति में देवास के मानसिंह भोंदिया ने गणेश वंदना से वातावरण को मंगलमय बनाया। इसके बाद उन्होंने भुवाना शैली में शिव आधारित लोक भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर मेले परिसर को भक्तिरस में डुबो दिया। उनकी स्वर साधना और लोकधुनों की सहजता ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। बुधवार को द्वितीय प्रस्तुति में सुश्री मान्या गढ़वाल ने शिव केंद्रित कथक नृत्य प्रस्तुत किया। उनकी सधी हुई मुद्राएँ, आकर्षक भावाभिनय और लयबद्ध पदचालन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। नृत्य के माध्यम से भगवान शिव के विविध रूपों की अभिव्यक्ति ने प्रस्तुति को विशेष ऊँचाई प्रदान की। संपूर्ण संध्या में भक्ति, लोक और शास्त्रीय कला का सुंदर संगम देखने को मिला, जिसे दर्शकों ने भरपूर सराहा। पर्व के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक मंच भी प्राप्त हो रहा है।