
25 Jul 2023
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो, धार्मिक नगरी उज्जैन को कर रहा शर्मसार
उज्जैन। भगवान महाकालेश्वर की तीसरे सोमवार को निकली सवारी में श्रद्धालुओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन ने जिन वॉलिंटियर्स, पुलिस जवानों के हाथों में सौंपी थी। उन्होंने व्यवस्था संभालने की बजाए श्रद्धालुओं पर थप्पड़ बरसाए। इस कृत्य में उन्होंने श्रद्धालुओं की उम्र का लिहाज भी नहीं किया । इतना ही नहीं भगवान महाकाल की पालकी के साथ चल रहे पुजारियों ने भी श्रद्धालुओं पर खूब हाथ साफ किए।
भगवान महाकालेश्वर की सावन भादो मास में निकलने वाली सवारियों में हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से उज्जैन आते हैं। यह लोग भगवान महाकाल की एक झलक देखने के लिए धूप और बरसात सहन करते हुए घंटो सड़क किनारे खड़े रहते हैं। लेकिन जब पालकी उनके नजदीक आती है और भगवान महाकाल के दर्शन का अवसर मिलता है। उस दौरान होने ना केवल धक्का-मुक्की का शिकार होना पड़ता है बल्कि अपमान भी सहन करना पड़ता है और सरेराह धक्के और थप्पड़ भी खाने पड़ते हैं। इसकी पोल सोशल मीडिया में वायरल हो रहा एक वीडियो खोल रहा है। यह वीडियो एक दिन पहले सोमवार का है जब भगवान महाकाल तीसरी सवारी के दौरान प्रजा का हालचाल जानने सवारी मार्ग पर निकले थे। वीडियो में श्रद्धालुओं के साथ हुई सार्वजनिक मारपीट और अपमान के दृश्य अलग-अलग जगह के हैं। वीडियो के शुरुआती दृश्य में महाकाल मंदिर प्रांगण के समीप कुछ श्रद्धालु पालकी दर्शन के लिए आगे बढ़ते हैं उसी दौरान नीली टीशर्ट में वहां तैनात वॉलिंटियर्स एक बुजुर्ग पर बेवजह थप्पड़ बरसाने लगता है। कुछ देर बाद धोती और सोला पहने दूसरे श्रद्धालु के साथ यह कथित वॉलिंटियर्स धक्का देते हैं तथा मारपीट करते हैं।
इसके बाद यह सभी हंसते हुए भी वीडियो में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में आगे पालकी के समीप जब कुछ श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए बढ़ते हैं तो यहां तैनात एक पुलिसकर्मी कई श्रद्धालुओं पर थप्पड़ बरसाने लगता है। इसके आगे वीडियो में पालकी के साथ चल रहे पुजारी द्वारा भी श्रद्धालुओं के साथ मारपीट और और धक्का देते साफ नजर आ रहा है। सफेद नंबर का चश्मा लगाए वीडियो में नजर आ रहे मारपीट करते हुए पुजारी को भी सोशल मीडिया में लोगों द्वारा कोसा जा रहा है। कुल मिलाकर सवारी में व्यवस्थाओं के नाम पर जिस तरह वॉलिंटियर्स पुलिस और पुजारियों ने श्रद्धालुओं के साथ जो अभद्रता की है। उससे धार्मिक नगरी उज्जैन की छवि धूमिल हो रही है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों को चाहिए कि वे तत्काल इस पर संज्ञान लें और श्रद्धालुओं के साथ आवेदन करने वाले इन सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।