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Ujjain News : महिलाओं को किया गया "सम्राट विक्रमादित्य नारी अलंकरण सम्मान" से सम्मानित

उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के स्वर्ण जयंती सभागार में “विक्रम महिला समागम–2026” एवं "सम्राट विक्रमादित्य नारी अलंकरण सम्मान "समारोह का आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि नगर निगम उज्जैन की सभापति श्रीमती कलावती यादव ने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाओं की प्रगति ही समाज और राष्ट्र के विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को शिक्षा, अवसर और सम्मान मिलता है, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है।


सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलगुरु प्रो. अर्पण भारद्वाज ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि विश्वविद्यालय सदैव नारी शक्ति के सम्मान और उनके सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।


समारोह में विशिष्ट अतिथि प्रख्यात कथक नृत्यांगना डॉ. पल्लवी लोहानी,बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर अजीत शरण, कार्यपरिषद सदस्य श्रीमती कुसुमलता निगवाल एवं डॉ. मंजूषा मिमरोट सहित अनेक गणमान्य अतिथि मंचासीन रहे। समारोह की संयोजिका प्रो. ज्योति उपाध्याय, विभागाध्यक्ष समाजशास्त्र एवं समाजकार्य अध्ययनशाला ने स्वागत उद्बोधन दिया।


समारोह में सम्राट विक्रमादित्य नारी अलंकरण समारोह के अंतर्गत सम्राट विक्रमादित्य नारी अलंकरण समारोह में 5 विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया, जिनमें कला क्षेत्र से डॉ. पल्लवी लोहानी,लक्ष्मी कुशवाह (रीजनल ड्रॉइंग प्रतियोगिता विजेता),खेल क्षेत्र से फरहीन देहलवी (पावर लिफ्टर एवं आर्म रेसलिंग राष्ट्रीय खिलाड़ी),नर्मदा धाकड़ (मिस योगिनी),दुर्गेश नंदनी,प्रियांशी नरवरिया;शिक्षा क्षेत्र से प्रो. दीपिका गुप्ता,कर्णगी ठाकुर,यशी श्रीवास्तव;सामाजिक क्षेत्र से डॉ. शिवी भसीन;प्रशासनिक क्षेत्र से,श्रीमती सुषमा सैयाम,श्रीमती पूजा इसरानी और श्रीमती कलावती वासेन को सम्मानित किया गया।इसके साथ ही मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की सहायक प्राध्यापक परीक्षा में चयनित प्रतिभाओं संगीता मिर्धा, कुसुम दुगरवाल, पूजा शर्मा, निति शर्मा, पूजा बागड़ी, आयुषी नेहे, आयुषी सोनी, मीनू राठौर, वैष्णवी इंगले एवं सलोनी पंवार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।


समारोह के प्रारम्भ में प्रख्यात नृत्यांगना डॉ. पल्लवी लोहानी ने अपनी मनमोहक कथक प्रस्तुति दी। उनके नृत्य में भाव, लय और ताल का अद्भुत समन्वय देखने को मिला। उन्होंने "who I am" को पूरा नृत्य के माध्यम से बताया; हर नारी के अंदर दुर्गा शक्ति है ये अपने नृत्य के माध्यम से बताया ।पायल की मधुर झंकार और भावपूर्ण अभिव्यक्तियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया ।


कार्यक्रम की द्वितीय प्रस्तुति में प्रियांशी नरवरिया द्वारा लाठी प्रदर्शन प्रस्तुत किया गया, जिसने अपनी ऊर्जा, संतुलन और कौशल से सभी दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रियांशी नरवरिया लाठी कला की राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी हैं और उन्होंने अपने तेज़, सटीक एवं आकर्षक दांव-पेचों के माध्यम से पारंपरिक भारतीय मार्शल आर्ट की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की। उनके प्रदर्शन में आत्मविश्वास, अनुशासन और वर्षों के अभ्यास की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी।


तृतीय प्रस्तुति नर्मदा धाकड़ (मिस योगिनी) द्वारा योग प्रदर्शन की रही, जिसने दर्शकों को अत्यंत प्रभावित किया। नर्मदा धाकड़ ने अपनी अद्भुत योग साधना और लचीलेपन का शानदार प्रदर्शन किया। उनके कठिन योग आसनों और संतुलन ने सभागार में उपस्थित सभी लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया।


कार्यक्रम के प्रारम्भ में स्वागत उद्बोधन देते हुए प्रो. ज्योति उपाध्याय ने कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, कला, खेल, प्रशासन और सामाजिक कार्यों सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। महिला दिवस नारी शक्ति के योगदान को सम्मान देने और समाज में समान अवसरों की भावना को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर है।


विशिष्ट अतिथि बैंक ऑफ इंडिया के ज़ोनल मैनेजर अजीत शरण ने अपने उद्बोधन में नारी शक्ति के विभिन्न स्वरूपों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाएं केवल परिवार की ही नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र निर्माण की भी महत्वपूर्ण आधारशिला हैं। उन्होंने महिलाओं के योगदान और उनकी भूमिका की महत्ता पर चर्चा करते हुए कहा कि आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, कला, खेल और सामाजिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही हैं।


इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया द्वारा कन्या परिसर में छात्राओं की सुविधा के लिए एक नए वाटर कूलर की व्यवस्था भी कराई गई। अतिथियों की उपस्थिति में इसका शुभारंभ किया गया।


कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के अंतर्गत दिल्ली से पधारी प्रख्यात कथक नृत्यांगना डॉ. पल्लवी लोहानी लखनऊ घराने की प्रतिष्ठित कथक नृत्यांगना, गुरु और कोरियोग्राफर हैं। उन्होंने कथक नृत्य की शिक्षा पद्मश्री शोभना नारायण तथा स्वर्गीय पंडित अर्जुन मिश्रा से प्राप्त की है। वर्तमान में वे कला साधक सेंटर फॉर परफॉर्मिंग आर्ट्स (द्वारका, नई दिल्ली) की संस्थापक एवं निदेशक हैं तथा टेक्निया इंस्टीट्यूट ऑफ आर्ट एंड डिजाइन में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें वर्ष 2023 में नृत्य कला रत्न सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है और वे देश-विदेश में अनेक मंचों पर अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय शास्त्रीय नृत्य परंपरा को नई पहचान दे रही हैं।


कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के उन छात्र-छात्राओं को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिनका चयन स्टेट कैंप, चित्रकूट के लिए हुआ है। कार्यक्रम के समापन पर एनएसएस स्वयंसेवकों ने “भारत माता की जय” के उद्घोष के साथ राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।


कार्यक्रम का संचालन प्रथम बरबेले एवं तन्मय जैन द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात यश वर्मा द्वारा सरस्वती वंदना एवं राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की प्रस्तुति दी गई। विश्वविद्यालय का कुलगान “जागो मंगल अमृतमय आलोक में,” सामूहिक रूप से गान हुआ। कार्यक्रम के अंत में उमा शर्मा द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।

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