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स्वच्छता में उज्जैन की रेटिंग सुधारने में जवाबदारों की रुचि कम

उज्जैन। सफाई व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखने दिल्ली से स्वच्छता सर्वे की टीमें कभी भी उज्जैन में आमद दे सकती हैं। सर्वे टीम के अगले सप्ताह में कभी भी आने की उम्मीद है। बावजूद इसके वार्डों में सफाई नहीं हो रही और कचरा कलेक्शन वाहन नहीं पहुंच रहे हैं। केवल मुख्य सार्वजनिक स्थानों पर सर्वेक्षण की तैयारी नगर निगम कर रहा है।


उल्लेखनीय है कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। निगम अधिकारियों के मुताबिक शहर की सफाई व्यवस्था जचने के लिए दिल्ली की टीम अगले सप्ताह कभी भी शहर आ सकती है। इस सर्वे के आधार पर उज्जैन शहर को स्वच्छता में अगली रेटिंग मिलना है। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि मानसून की शुरुआती वर्षा नगर निगम की कागजी नाला सफाई को बेपर्दा कर चुकी है। आम शहरी लगातार नगर निगम के कंट्रोल रूम से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक में अपने मोहल्ले, कालोनियों और बस्तियों में पसरी गंदगी और चोक नालों क्या लावा शहर के अधिकांश भागों में कचरा कलेक्शन वाहन नहीं पहुंचने की की लगातार और आए दिन शिकायतें कर बेपटरी सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इधर, एक जुलाई से सिटीजन फीडबैक का सिलसिला शुरू हो चुका है। ऐसे में साफ-सफाई न होने से परेशान आम शहरी क्या फीडबैक देने वाला है, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उधर, नगर निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि स्‍वच्‍छता के मोर्चे पर शहर पूरी तरह तैयार है। यह सर्वेक्षण टीम के आने से पहले नगर निगम के अधिकारी केवल चुनिंदा स्थानों पर व्यवस्थाएं जुटा रहे हैं।


महापौर बैठकों में व्यस्त, अफसर फील्ड में नहीं जा रहे...


बता दें कि स्वच्छ सर्वे टीम की आमद को लेकर महापौर से लेकर अधिकारी तक चिंतित नजर नहीं आ रहे है। लोगों को जागरूक करने से लेकर वार्डों में सफाई व्यवस्था की मानीटरिंग भी ठीक से नहीं हो रही हैं, साथ ही निगम आयुक्त और जिम्मेदार अधिकारी फील्ड से गायब हैं। हर दिन महापौर किसी न किसी विभाग की मीटिंग ले रहे हैं। लेकिन उसमें स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी और इसमें उज्जैन नगर निगम की रेटिंग सुधार पर चर्चा नहीं हो रही है। पूर्व की तलवार वार्ड में लोगों से रूबरू होते और उन्हें अपने शहर को स्वच्छता में अव्वल बनाने के लिए बेहतर फीडबैक देने के साथ ही उनसे स्वच्छता में सहभागी बनने की अपील भी नगर निगम के अधिकारी और जनप्रतिनिधि नहीं कर रहे हैं। हालत यह है कि निगमायुक्त रोशन कुमार सिंह ने पूर्व में अधिकारियों को निर्देशित किया था कि वह अपनी-अपनी फील्ड में सुबह पहुंचें और साफ-सफाई की मानीटरिंग करें, लेकिन इस निर्देश का कोई खास असर नजर नहीं आ रहा है।


देवास गेट बस स्टैंड पर पुराने डस्टबिन हटाए, नए लगवाए....


देवास गेट बस स्टैंड से पुराने डस्टबिन हटाते निगम कर्मी


शहर के वार्डों में सफाई व्यवस्था की जांच से दूर रहने वाले निगम के अधिकारियों ने स्वच्छता सर्वेक्षण टीम को खुश करने के लिए नई नीति अपनाई है। इसमें बस स्टैंड, मुख्य बाजार और धार्मिक स्थल के आसपास सर्वे टीम के आने से पहले थोड़ी बहुत साफ सफाई ,रंगाई पुताई और पुराने हो चुके डस्टबिन और लीटर बिन को हटाकर नए लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार शाम 5 बजे के करीब देवास गेट बस स्टैंड पर पुराने डस्टबिन हटाकर निगम कर्मियों ने नए डस्टबिन लगाने का काम शुरू कर दिया था।


पुराने डस्टबिन हटाकर इस तरह नए डस्टबिन लगाए गए

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