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गाय को बचाने के चक्कर में नदी में गिरा वाहन, चालक की मौत

उज्जैन।अंकपात मार्ग से टाटा के सीवरेज की खुदाई का मटेरियल कार्तिक मेला ग्राउंड ले जाने वाला पिकअप वाहन 407 शिप्रा के बड़े पुल से बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 1 बजे नदी में गिर गया। हादसे में ड्राइवर की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। रात करीब 2 बजे नदी में गिरा वाहन क्रेन से निकाला गया। बचाया जा रहा है कि गाय को बचाने के चक्कर में हादसा हो गया।


पुलिस के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त वाहन का चालक सीट पर ही मिला पुलिस ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया। बताया जाता है कि हादसा गाय को बचाने में हुआ। वाहन की आवाज से गाय बिदककर उठी और पिकअप के सामने आई उसे बचाने में ड्राइवर ने स्टेयरिंग मोड़ा और वाहन सीधे नदी में जा गिरा।पुलिस ने बताया हादसे में चिमनगंज मंडी क्षेत्र स्थित हरिओम तोलकांटे के समीप रहने वाले 20 वर्षीय अमर पिता महेश सोलंकी की मौत हुई है। रात 2 बजे शव नदी में गिरे पिक अप 407 एमपी 09 जेजी 4764 से निकाला। वाहन से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया था। डॉक्टरों द्वारा मौत की पुष्टि करने के बाद पोस्टमॉर्टम के लिए रखवाया गया। गुरुवार सुबह पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।


क्रेन बुलानी पड़ी वाहन निकालने के लिए...


मृतक का चचेरा भाई अरूण टाटा के सीवरेज खुदाई का मटेरियल डालने के लिए आगे वाले पिकअप को ले जा रहा था। वो कार्तिक मेला ग्राउंड पर वाहन लेकर पहुंचा और उसका इंतजार करने लगा। काफी देर तक अमर पिकअप लेकर नहीं आया। उसने कॉल किया तो अमर का फोन बंद मिला। इस पर उसे अनहोनी की आशंका हुई, वह उसे देखने के लिए वापस पलट कर पुल की तरफ आया।


तब तक घटना स्थल पर भीड़ जमा हो गई, पुलिस भी पहुंच गई थी। उसने जाकर देखा तो पता चला कि अमर जो पिकअप लेकर आ रहा था वो नदी में गिर गई है। उसने पुलिस को बताया कि पिकअप उसका भाई चला रहा था। इसके बाद उसने परिजनों को घटना की सूचना दी। रात में ही बड़े पुल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। करीब 1 घंटे तक पुलिस ने मशक्कत कर पिकअप वाहन नदी से निकाला।


चचेरा भाई छुट्टी पर था, बदली में कर रहा था काम....


दो साल पहले ही अमर का विवाह हुआ था उसका 1 साल का बेटा है। वो पहले ट्रक चलाता था लेकिन लंबे समय घर से दूर रहने और हाईवे पर होने वाले हादसों के कारण परिजनों ने ईको कार खरीद ली थी। इसी से वह परिवार का पालन पोषण करता था। अंकपात से मटेरियल भरकर कार्तिक मेला ग्राउंड में खाली करने का यह काम वह बदली में कर रहा था क्योंकि उसका चेचेरा भाई छुट्टी था।


दिन और रात सड़कों पर मवेशियों का राज...


बड़े पुल से लेकर बडऩगर रोड़ तक रात के समय आवारा पशुओं का सड़कों पर कब्जा हो जाता है। बड़े पुल पर भी मवेशी बड़ी संख्या में जमा हो जाते हैं। सड़कों पर बैठे मवेशी इसके पूर्व भी कईं बार बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बनें हैं। रात में हाईवे हो या आमरोड़ रात दिन आवारा मवेशियों से जाम रहता है। शहर के मुख्य मार्गों पर भी 24 घंटे मवेशियों के झुंड बैठे रहते हैं।

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