
इन्दौर(शैलेन्द्र कश्यप)|
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने अंजू को स्कूटी भेट की जनसुनवाई में बेसहारा बालिका अंजू की लगनशीलता, मेहनत और जीवटता का सम्मान
प्रति मंगलवार की तरह इस मंगलवार भी कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई संपन्न हुई। इस बार की जनसुनवाई बेसहारा बालिका अंजू के लिये बेहद शुभ रही। गणेश चतुर्थी के अवसर पर आज उसकी लगनशीलता, मेहनत और जीवटता का सम्मान जनसुनवाई में किया गया। कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने इस बेसहारा बालिका की व्यथा को सुना और मानवीय संवेदना का उदाहरण प्रस्तुत करते हुये इसे आज ही स्कूटी भेट की। साथ ही 13 दिव्यांगों को भी रेट्रोफिटिंग स्कूटी स्वीकृत की गई। कलेक्टर ने जनसुनवाई में आये अनेक जरूरतमंदों की तत्कालिक सहायता भी की।
जनसुनवाई में आज क्लर्क कॉलोनी के एक होस्टल में रहने वाली अनाथ बालिका अंजू पहुंची। अंजू ने कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी को बताया कि मेरे माता-पिता का निधन कई वर्षों पहले हो गया। मैं तथा मेरा एक छोटा भाई और एक छोटी बहन निजी संस्था के आश्रम में रह रहे हैं। हम अच्छे से पढ़ाई लिखाई भी कर रहे हैं। मैंने दसवीं कक्षा 75 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके पश्चात आत्मनिर्भर बनने के लिये टाईपिंग तथा शॉर्टहेंड भी सीखा। मुझे अभी एक निजी कंपनी में नौकरी मिल गई है। होस्टल से नौकरी स्थल तक की दूरी 6-7 किलोमीटर हैं। मुझे आने-जाने में बेहद परेशानी होती है। मेरी अभी इतनी कमाई भी नही हैं कि मैं कोई वाहन खरीद सकू या आने-जाने में पैसा खर्च कर सकू। कलेक्टर ने उसकी बात को गंभीरता से सुना उसका लगनशीलता, मेहनत और जीवटता देखकर तुरंत ही स्कूटी स्वीकृत की और आज ही उसे देने के निर्देश दिये। इस बालिका को दोपहर में ही जनसुनवाई के चलते स्कूटी वाहन की चाबी सौंपी गई। बालिका चाबी मिलने के पश्चात कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी के समक्ष पहुंची और वाहन मिलने पर आभार व्यक्त किया। बालिका आंखों में नये सपने संजोए हंसी-खुशी अपने गंतव्य की ओर रवाना हुई।
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