
30 Aug 2023
घटना को अंजाम दिया कांग्रेस पदाधिकारी ने, शेखावत अभी भी भाजपा के वरिष्ठ नेता
बदनावर(मनीष शर्मा)| सोमवार रात में जब पूर्व विधायक भँवरसिंह शेखावत पोस्टर के पोस्टर लगे तो सोशल मीडिया में कांग्रेस के चुनिंदा लोगो ने अपने सिर यह इल्जाम लेने से मना कर दिया व इसको भाजपा की साजिश बता दिया। परन्तु एक दिन बाद ही पूर्व विधायक भँवरसिंह शेखावत का पुतला ग्राम धरसीखेड़ा , नागदा व एक दो जगह और जलने की घटना ने शेखावत के मुद्दे को हवा दे दी। इस घटना की समस्त जवाबदारी कांग्रेस के जिला यूथ कांग्रेस के महासचिव एवं आदिवासी कांग्रेस विधान सभा अध्यक्ष रतन भाभर ने ली। उनका कहना है की पार्टी किसी भी कांग्रेस के कार्यकर्ता को टिकिट दे हम पार्टी का कार्य करेंगे पर बाहरी उम्मीदवार को हम बर्दास्त नहीं करेंगे। इस तरह से कांग्रेस में आने से पहले ही जब भँवरसिंह शेखावत का इतना विरोध हो रहा है तो पार्टी में आने के बाद क्या होगा यह बहुत गंभीर विषय है। जीवन के ७५ वर्ष पर वयोवृद्ध शेखावत जिस पार्टी के स्थापना से जुड़े हो वह उम्र के इस पड़ाव पर उसे छोड़ दे यह करना आसान नहीं है। वही भाजपा शेखावत को अभी भी अपना मानते हुवे उन्हें पार्टी का बता रही है। उधोग मंत्री दत्तीगांव, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सोमानी, राजमंत्री राजेश अग्रवाल में से किसी ने भी शेखावत के विरुद्ध कोई ब्यान नहीं दिया बल्की पार्टी के वरिष्ठा के नाते उनका सम्मान किया है। दत्तीगांव तो शेखावत को कई बार अपना मामा का रिश्ता बता चुके है। सूत्रों की माने तो कुछ निजी स्वार्थ के कारण शेखावत को गुमराह कर भाजपा से अलगाव कराने पर बैठे है। राजनीति में विजय पराजय का खेल चला करता है पर इनको मन में रखकर अपनी ही पार्टी से विद्रोह करना शेखावत भी नहीं चाहेंगे। फिर भी आज की राजनीति में कुछ भी स्पष्ट नहीं है कल क्या हो किसने देखा।

इससे पहले का घटनाक्रम:
