वर्तमान युग की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए आत्मसाक्षात्कार सबसे बड़ी आवश्यकता है
सहजयोग आज के युग का महायोग है |

मालवा हेराल्ड |क्योंकि जिस, ज्ञान व प्रकाश को पाने के लिए प्राचीन काल में ऋषि मुनि सालों तक वन व पर्वतों में रहकर कठिन तपस्या किया करते थे वह कई वर्षों तक तप करने के बाद भी उस स्थिति को पा नहीं पाते थे, जिसके वो आकांक्षी थे | वही स्थिति इस घोर कलियुग में बडी सहजता से प्राप्त हो जाती है |
आज हम सब एक व्यस्तता भरा जीवन जी रहे हैं | हमारे पास समय की भी कमी होती है l जीवन को सुचारू ढंग से चलाने के लिए, बच्चों व परिवार को बेहतर से बेहतर स्थिति प्रदान करने के लिए एक जंग ही लडते रहते हैं l थोडी़ सी भी अस्त व्यस्तता जीवन में अवसाद भरने लगती है | ऐसे में श्री माताजी निर्मला देवी के कथन के अनुरूप सहज योग के ध्यान की तकनीक हमें शांतिपूर्ण ढंग से जीवन को चलाने की शक्ति देती है | ध्यान पद्धति भी इतनी सरल है कि इसे बस शुद्ध इच्छा से आत्मसात् किया जा सकता है |
सभी को शांति की आकांक्षा होती है | भागदौड़ भरे जीवन में राहत व आत्मविश्वास की जरूरत होती है | यदि रोज सुबह 10-15 मिनट ध्यान करने से हमें यह स्थिति मिल सकती है.. तो इसके लिए प्रयास करना ही चाहिए |
वास्तव में ध्यान और कुछ नहीं मानसिक एकाग्रता है | जब हम एकाग्र होते हैं, तब विचार थम जाते हैं और हमारी शुद्ध इच्छा के फलस्वरूप हमारी कुंडलिनी शक्ति उधर्वमुखी होकर हमारी परमात्मा से एकाकारिता कराती है |
सहज योग पद्धति से ध्यान करते हुए हम विचारों से मुक्त इसीलिए हो पाते हैं क्योंकि बडी सहजता से हम अपनी बाईं ओर की भूतकाल की नाडी (ईडा नाडी) और दाहिनी ओर की भविष्य की नाडी (पिंगला नाडी) को संतुलित कर पाते है | जब हम भूतकाल के विचार और भविष्य की चिंताओं से दूर होते हैं, तब ध्यान की स्थिति पाना बेहद आसान हो जाता है | आत्मसाक्षात्कार वर्तमान युग की सबसे बड़ी आवश्यकता है l क्योंकि इस मार्ग पर चलकर हम शनैः शनैः शांति, संतोष व समन्वय को प्राप्त करते है |
आप भी सस्नेह आमंत्रित है सहज योग ध्यान केन्द्रों में कुंडलिनी जागरण और आत्मसाक्षात्कार प्राप्त करने हेतु इसके लिए आप अपने नज़दीकी सहजयोग ध्यान केंद्र की जानकारी टोल फ्री नंबर 1800 2700 800 से प्राप्त कर सकते हैं या वेबसाइट www.sahajayoga.org.in पर देख सकते हैं।