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ध्यान की पहली सीढ़ी है निर्विचारिता

सहजयोग

ध्यान की पहली सीढ़ी है निर्विचारिता

मालवा हेराल्ड |मनुष्य हर समय विचारों के चक्र में उलझा रहता है।कभी विगत जीवन की यादें उसे घेरे रहती है तो कभी वह भविष्य की योजना व कल्पना में डूबा रहता है।वास्तव में ये दोनों काल मिथ्या हैं भूतकाल जा चुका है भविष्य अभी आया नहीं।इसकी सोच का आनंद लेना भ्रम ही कहा जाएगा।सत्य तो वर्तमान है उसी में जिया जा सकता है परंतु मनुष्य चाह कर भी विचार शून्य नहीं हो पाता। निर्विचार होने का यही महत्व है कि वह काल वर्तमान का आनंद है। निर्विचारिता ध्यान की प्रथम सीढ़ी है।इसके विषय में बताते हुए सहजयोग प्रवर्तिका माताजी श्री निर्मला देवी जी ने बताया है कि
"सहजयोग का ज्ञान सूक्ष्म ज्ञान है और सूक्ष्म ज्ञान को प्राप्त करने के लिए हमें ही सूक्ष्म होना है और ये सूक्ष्मता क्या है कि हमें आत्मा स्वरूप होना है, क्योंकि आत्मा का अपना प्रकाश है, जब ये प्रकाश हमारे ऊपर प्रगटित होता है तो उस आत्मा के प्रकाश में ही इस सूक्ष्म ज्ञान को प्राप्त कर सकते हैं, आत्मा परमात्मा का प्रतिबिम्ब है और कुण्डलिनी जो है वो आदिशक्ति का प्रतिबिम्ब है।"
जब तक हम वर्तमान में नहीं रहेंगे तब तक हमारी आध्यात्मिक उन्नति नहीं हो सकती है क्योंकि जो पिछला था, गत था, वो तो खत्म हो गया और आगे का तो अभी है ही नहीं, पता नहीं क्या है, असलियत है वो है वर्तमान, पर इसमें बुद्धि ठहर नहीं सकती, इसमें मन ठहर नहीं सकता है, ये विचार ऐसे उठते हैं लहरों जैसे, कुण्डलिनी जब आपकी उठती है तो क्या होता है कि विचार लंबा खिंच जाता है, इन दोनों विचारों के बीच में जो स्थान है उसे विलंब कहते हैं, इस विलंब स्थिति में आप आ जाते हैं ।ध्यान में विलंब की स्थिति जो बहुत संकीर्ण होती है प्रायः जल्दी ही बढ़ जाती है, यही वर्तमान है, इसमें आप निर्विचार हो जाते हैं।
निर्विचार होना ही समस्त तनाव, शंका, चिन्ता, रोग, अवरोधों आदि से मुक्ति का सोपान है।
आप जब अपने चक्रों और दूसरों के चक्रों के बारे में जानने लगते हैं तो स्वयं को और दूसरों को ठीक कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि वैश्विक वेब पोर्टल पर अध्यात्म का नेतृत्व करते हुए सहज योग वेब स्थली (www.sahajayoga.org.in/live) पर प्रतिदिन कुंडलिनी जागृती एवं ध्यान साधना के अनुभव सिद्ध प्रशिक्षण के विविध कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं जिनके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता। जिज्ञासु साधक, बालक, स्त्री-पुरुष, विद्यार्थी, युवा, वृद्ध सभी इसे कम समय में घर बैठे सीख सकते हैं। किसी भी तरह की जिज्ञासा के समाधान के लिए सहज योग के टोल फ्री नंबर 18002 700 800 संपर्क किया जा सकता है।

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