सहजयोग ध्यान मानव जीवन की भौतिक व आध्यात्मिक विकास यात्रा को उचित दिशा प्रदान करता है
परमात्मा अनंत तथा अनमोल है। वे मात्र व्यक्ति के समर्पण व प्रेम को समझते हैं भौतिकता अथवा धन से उनका कोई सरोकार नहीं। धन के प्रदर्शन द्वारा परमात्मा की प्राप्ति का प्रयास मात्र मानव के अहंकार की तुष्टि ही होती है।

मालवा हेराल्ड |हम इस जन्म में मनुष्य के रूप में क्यों आए ? भगवान को इंसान को बनाने की क्या जरूरत थी ? या फिर कुदरत के नियम को इंसान बनाना पड़ा ? हम कैसे समझें कि आज हम इंसान क्यों हैं ? बस एक बार, आत्मसात करें और मूल्यांकन करें कि हम आज इंसान क्यों हैं। हम चुने हुए क्यों थे ? पृथ्वी पर मौजूद सभी सांपों को इंसान बनने का मौका क्यों नहीं मिला? वे अभी भी सांप क्यों हैं ?
इतने सारे चिंपैंजी और बंदर, यहां तक कि शेर, सभी प्रकार के जानवर मौजूद हैं। हम चंद प्राणियों को इंसान बनने के लिए क्यों चुना गया? कभी सोचा है ? कभी खोजने की कोशिश की ? हम धन, संपत्ति और अन्य छोटे-छोटे सुख की खोज करते हैं, पर जिन परमात्मा ने यह सब कुछ बनाया है, उनकी खोज नहीं करते। परमात्मा के नाम पर पैसे देने से या लेने से कुछ नहीं होगा। परमात्मा तो अनंत है उनका कोई मोल नहीं है।
उन तक पहुंचने के लिए रूपए पैसे की क्या जरूरत है ? उन तक पहुंचने के लिए आपको खुद को जानना होगा ।अपनी आत्मा को जानना होगा जिसके बारे में श्रीकृष्ण और पहले के बहुत से ऋयों ने कहा है। आत्मा आपके भीतर रही है उसके लिए आपको कहीं जाने की जरूरत नहीं है ।सहजयोग ध्यान एक ऐसा माध्यम है, जिससे आप अपनी आत्मा को जान सकते हैं। अपनी आत्मा को जाने बिना आप परमात्मा को नहीं जान सकते। अतः अपने को जानिए और अपना कल्याण कीजिए। सहजयोग द्वारा निःशुल्क आत्मसाक्षात्कार प्राप्त होता है। अधिक जानकारी हेतु हमारे हेल्पलाइन नंबर 18002700800 पर कॉल कर सकते हैं या वेबसाइट www.sahajayoga.org.in पर देख सकते हैं।