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निरोग जीवन के लिए महर्षि वाग्भट्ट 6 नियम

29 Jun 2023

महर्षि वाग्भट्ट के आयुर्वेदिक नुस्ख़े

महर्षि वाग्भट्ट आयुर्वेद के प्रसिद्ध ग्रंथ अष्टांगसंग्रह तथा अष्टांगहृदय के रचयिता हैं| वे प्राचीन भारतीय चिकित्सा-विज्ञान अथवा आयुर्वेद चिकित्सा-जगत के एक महान आचार्य है। महर्षि वाग्भट्ट जी कहते है कि ये 6 नियम हमे अपने जीवन मैं उतार लेने चाहिए ताकी हम निरोग जीवन यापन कर सके।


1 - भोजन को बनाते और पकाते समय सूर्य का प्रकाश और पवन का स्पर्स ना मिले तो ऐसा भोजन नहीं करना चाहिए। प्रेशर कुकर में बना भोजन इसके अलावा माइक्रोवेव ओवन, रेफ्रिजरेटर इत्यादि में रखा या गर्म किया भोजन स्वास्थ के लिए हानिकारक है|


इसलिए प्रेशर कुकर का खाना नहीं खाना चाहिए माइक्रोवेव का खाना नही खाना चाहिए रेजीवेटर का खाना भी नही खाना चाहिए।


2 - खाना पकने के 48 मिनट के अंदर खाना खा लेना चाहिए। दूसरे सूत्र के अनुसार लंबे समय तक रखे गए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।


3 - खाना बनाने का जो सामान है जैसे गेंहू का आटा दाल का आटा चने का आटा आदि तो वागभट्ट जी कहते है कि इस मैं गेंहू का आटा 15 दिन से ज्यादा पुराना ना हो और ये जो मोटे अनाज कहे जाते है जुआर है बाजरा है मक्का आदि के आटे 7 दिन से ज्यादा पुराने नही होने चाहिए।


अधिक समय से रखा हुआ पिसा हुआ आनाज शरीर के लिए कम लाभदायक होता जाता है|


4 - आप अपने शरीर श्रम को 60 साल तक कम मत करिये वागभट्ट जी कहते है कि 60 साल के बाद श्रम कम होते चले जाना चाहिए 18 से 60 के बीच के जो लोग है ये अपने श्रम को थोड़ा थोड़ा बढाए और 1 से 18 तक के बच्चों के लिए वागभट्ट जी कहते है कि इनको श्रम सिर्फ खेलने के रूप मैं करना चाहिए।


60 वर्ष की उम्र के पहले व्यक्ति को पूरी शारीरिक क्षमता के अनुसार काम करते रहना चाहिए और 60 वर्ष के पश्चात अपनी क्षमता अनुसार शारीरिक श्रम कम करना चाहिए।


5 - आप अपने जीवन मैं तासीर का ध्यान रखिये आवो हवा का ध्यान रखिये जहाँ आप रह रहे है वहाँ के वातावरण के हिसाब से अपना ध्यान रखिए जैसे भारत गर्म देश है इसी लिए भारत मैं वात की प्रबलता ज्यादा रहती है इसी लिए भारत के लोगो को 70℅ से 75℅ वात के रोग है 12% 13% रोग पित्त के है और 10% रोग कफ है तो आप ध्यान रखिए कि ऐसे काम मत करिए जो वात बढ़े जैसे कि आप सुबह दौड़ लगाते है इस से वात बढ़ता है वैसे भी हमारे यहाँ नया फेसन आया है की मोर्निंग मैं दोड़ो वागभट्ट जी कहते है कि दौड़ना नही है चलना है दोनों मैं बहुत फर्क होता है। अगर आप मोर्निंग मैं दौड़ते है तो वात बढ़ेगा और 35 या 40 साल के बाद आप जीवन भर घुटनों के दर्द से परेशान रहेंगे।


6 - महर्षि भागवट जी कहते है की सुबह दूध नही पीना चाहिए दूध सिर्फ साम को सूरज छिपने के बाद ही पीना चाहिए क्यों कि दूध पचाने वाले एग्जाइम अपने समय पर ही काम करते है यानी कि सूरज छिपने के बाद।


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