
उज्जैन। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में मंगलवार को औचक निरीक्षण के लिए जेल महानिदेशक पहुंच गए। उन्होंने यहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जेल कर्मियों ने उनसे डीपीएफ घोटाले को लेकर चर्चा की और पूछा कि इस कांड में उनसे ठगा गया करोड़ों रुपया कब मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि आज से लगभग आठ माह पहले भैरवगढ़ जेल में डीपीएफ घोटाला हुआ था। इसमें विभाग का बाबू रिपुदमन सिंह, तत्कालीन जेलर उषा राज, कथित पत्रकार जगदीश परमार और अन्य कई लोगों ने मिलकर जेल कर्मियों के डीपीएफ से लगभग 15 करोड़ रूपया निकाल लिया था। मामला उजागर होने पर प्रकरण दर्ज हुआ था और फिर कई आरोपियों को जेल भेज दिया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उनसे लगभग मात्र तीन लाख रुपए बरामद कर पाई थी और यह मामला धीरे-धीरे ठंडा रास्ते में चला गया था।
बीते दिन मंगलवार को दोपहर में अचानक जेल महानिदेशक राजेश चावला पहुंच गए। वे यहां करीब एक घंटा रुके और उन्होंने जेल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान महानिदेशक ने जेल विभाग की भोजन शाला को देखा और यहां बना खाना भी चखा। जेल के अधिकारियों ने महानिदेशक को कैदियों द्वारा बनाए जाने वाली सामग्रियों के बारे में बताया गया। इसमें कैदियों द्वारा बनाई गई मूर्तियों और कंबल आदि को उन्होंने देखा। साथ ही उन्हें यहां जेल में चल रहे सुधार कार्य और प्रचलित निर्माण कार्यों के बारे में भी जेल अधीक्षक ने बताया। इसके उपरांत बंदिया द्वारा महानिदेशक के समक्ष संगीत का कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। अंत में जब 1 घंटे के लगभग निरीक्षण के बाद वह यहां से रवाना होने लगे तो जेल प्रहरियों ने उन्हें कुछ महीना पहले हुए डीपीएफ घोटाले की जानकारी थी और इस घोटाले में उनके लाखों रुपए अभी तक नहीं मिल पाने की शिकायत की। इस पर जेल महानिदेशक ने जेल कर्मियों को आश्वस्त किया कि इस मामले का निराकरण वो जल्द कराएंगे।
ये भी पढ़ें -
