
उज्जैन। उज्जैन उत्तर विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी के प्रबल दावेदार रहे विवेक यादव ने आखिरकार सोमवार की शाम कांग्रेस पार्टी छोड़ दी और आम आदमी पार्टी की सदस्यता ले ली। विवेक यादव उत्तर सीट से माया त्रिवेदी को टिकट दिए जाने से नाराज थे।
उल्लेखनीय है कि रविवार को कांग्रेस द्वारा प्रदेश की 144 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए गए थे। उज्जैन उत्तर सीट से कांग्रेस ने माया राजेश त्रिवेदी को पार्टी का अधिकृत उम्मीदवार बना दिया था। यह सूची जारी होते ही कांग्रेस के नेता और उज्जैन उत्तर से पार्टी के प्रबल दावेदार विवेक यादव ने माया का विरोध शुरू कर दिया था। उनके समर्थकों ने शहर में कई जगह माया त्रिवेदी के विरोध में पुतले जलाए थे और कांग्रेस आलाकमान से उज्जैन उत्तर सीट से घोषित पार्टी प्रत्याशी को बदलने की मांग कर रहे थे। इसी के साथ विवेक यादव ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरने की भी चेतावनी दे दी थी। इधर सोमवार को समीकरण बदले और विवेक यादव ने बीती शाम कांग्रेस पार्टी को छोड़कर आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
माया खेमा चिंतित, कहीं इतिहास ना दोहरा जाए
कांग्रेस नेता विवेक यादव के कांग्रेस छोड़ आम आदमी पार्टी में जाने के बाद उज्जैन उत्तर सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी माया राजेश त्रिवेदी और उनके समर्थकों की चिंता बढ़ गई है। कांग्रेस पार्टी के ही कार्यकर्ता दबी जुबान में यह कह रहे हैं कि विवेक यादव आम आदमी पार्टी की ओर से उत्तर सीट से चुनाव लड़े तो इसका सीधा असर कांग्रेस के परंपरागत वोट बैंक पर पड़ेगा। इससे माया त्रिवेदी को बड़ा नुकसान होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनाव में माया त्रिवेदी ने टिकट नहीं मिलने पर कांग्रेस पार्टी से बगावत की थी और वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरी थी। तब बागी होकर चुनाव लड़ी माया त्रिवेदी को हर का मुंह देखना पड़ा था और उनके कारण कांग्रेस पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार राजेंद्र भारती भी चुनाव हार गए थे और भाजपा प्रत्याशी पारस जैन आसानी से चुनाव जीत गए थे। अब विक्की यादव के कांग्रेस छोड़ आम आदमी पार्टी में जाने तथा उनके आप पार्टी से चुनाव मैदान में उतरने की संभावना को देखते हुए माया समर्थकों को भी पिछला इतिहास दोहराने का भय सताने लगा है।
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