
उज्जैन। 12 साल की बालिका से हैवानियत करने वाले आटो चालक को पुलिस ने दबोच लिया है। गुरूवार शाम उसने अभिरक्षा से भागने का प्रयास किया। लेकिन पैर टूटने से नाकाम हो गया। उसे गिरफ्तार करने में एसआईटी के 28 सदस्यों की भूमिका खास रही। पुलिस अब उसे सजा दिलाने की प्रक्रिया के साथ बालिका को न्याय दिलाने में जुट गई है। एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि 12-13 साल की बालिका के साथ हैवानियत होने का मामला सामने आने पर 28 सदस्यों की एसआईटी पिछले ढाई दिनों से आरोपी का पता लगाने में जुटी थी।
गुरूवार को कैमरों, प्रत्यक्षदर्शियों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर भरत पिता राजू सोनी 24 वर्ष निवासी नानाखेड़ा को गिरफ्तार करने में सफलता मिल गई। पुलिस टीम उसे घटनास्थल जीवनखेड़ी लेकर पहुंची थी, जहां से उसने पुलिस जवानों को धक्का देकर भागने का प्रयास करते हुए पथराव कर दिया। पथराव में एसआई प्रतिक यादव और प्रधान आरक्षक सुनील पाटीदार को चोंट आई है। आरोपी भागते समय गड्डे में गिर गया था, जिससे उसका पैर टूट गया है। उसका उपचार कराया जा रहा है।

एसपी ने बताया कि बालिका के साथ घटनाक्रम सामने आने पर पूरे शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों से फुटेज देखे गये। जिसमें कुछ स्थानों पर बालिका आटो में बैठती दिखाई दी। इसी आधार पर आटो, ई-रिक्शा चालको को फोकस किया गया। इस दौरान सामने आया कि बालिका जिस आटो में बैठी थी, उस पर अर्जुन लिखा हुआ है। एसआईटी ने ऑटो का पता लगाया और नानाखेड़ा में रहने वाले चालक को हिरासत में लिया। जिसने पूछताछ में हैवानियत करना कबूल कर लिया।
आरोपी के खिलाफ नीलगंगा थाने में भागने का प्रयास करने के मामले में धारा 225-बी, 353 और 332 भादवि का प्रकरण दर्ज किया गया है। आरोपी के साथ ही आटो क्रमांक एमपी 13 आर 4587 के चालक राकेश मालवीय के खिलाफ धारा 166-ए का प्रकरण दर्ज किया गया है। राकेश ने बालिका के संबंध में पुलिस का सूचना नहीं थी, उसने जीवनखेड़ी से आटो में बैठाकर हाटकेश्वर तक छोड़ा था। देर रात उज्जैन पहुंची सतना पुलिस एसपी सचिन शर्मा ने बताया कि बालिक की हालत कुछ बाता पाने की नहीं है। उसके परिजनों का पता भी लगाया जा रहा था। पहचान के लिये जिले के साथ ही अन्य राज्यों से भी संपर्क किया जा रहा था। सतना से जानकारी आई कि चार दिनों से एक बालिका लपता है, जिसके मामले में धारा 363 का प्रकरण दर्ज किया गया है।
बालिका की पहचान होने पर सतना पुलिस उज्जैन के लिये रवाना हो गई है। देर रात सतना पुलिस उज्जैन पहुंची है। जिनसे बालिका के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा रही है। उसके बाद ही पता चल पायेगा कि बालिका कैसे मिसिंग हुई थी। बालिका को महाकाल टीआई लेगें गोद बालिका के साथ हुई हैवानियत के बाद उसका उपचार इंदौर में चल रहा है। एसपी ने बताया कि बालिका की मां उसे बचपन में छोड़कर चली गई थी। वह दादा के साथ रहती है। बालिका को उसके परिजनों से मिलवाने का प्रयास भी किया जा रहा है, ताकि परिजनों को देख वह कुछ बता पाने की स्थिति में आ पाये। इस बीच महाकाल टीआई अजय वर्मा ने बालिका को गोद लेकर उसकी पढाई-लिखाई का खर्च भी वहन करेगें। टीआई द्वारा बालिका को गोद लिये जाने की बात कहने पर उसके परिजनों से चर्चा की जायेगी।
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